भास्कर न्यूज | अमृतसर अप्रैल 2025 से लेकर अब तक एक्साइज विभाग की ओर से अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही हैं। विभाग की ओर से अमृतसर और तरनतारन में कुल 716 मामले दर्ज कर 604 बूटलेगर को गिरफ्तार किया गया है। अमृतसर रेंज के सहायक आयुक्त (एक्साइज) डीएस चीमा ने बताया कि उनकी टीम ने अमृतसर और तरनतारन में आबकारी पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों के साथ मिल कर 1 अप्रैल 2025 से अब तक बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 लाख 62 हजार 598 लीटर लाहन, 13 हजार 66 लीटर अवैध शराब, 1,503 बोतल पंजाब मेड लिकर, 5,233 बोतलें इंडियन मेड फारेन लिकर (आईएमएफएल) जब्त कीं। इसके अलावा 59 चालू भट्ठियों को नष्ट किया गया और 604 लोगों को गिरफ्तार कर कुल 716 मामले दर्ज किए गए। सहायक कमिश्नर एक्साइज ने बताया कि 06 फरवरी को सहायक आबकारी अधिकारी धरविंदरपाल शर्मा ने चंडीगढ़ ब्रांड की 184 शराब की बोतलें बरामद की हैं। इस संबंध मामला दर्ज कर लिया है। अतिरिक्त कमिश्नर डीएस चीमा ने बताया कि मई 2025 में मजीठा और कत्थूनंगल के इलाकों में अवैध और नकली शराब के कारण हुई मौतों के बाद विभाग की ओर से लगातार इन इलाकों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके अलावा 78 गांवों में लगातार अवेयरनेस केंपेन चलाए जा रहे हैं। ताकि लोगों को नकली शराब के खिलाफ जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि उक्त कांड के आरोपियों के खिलाफ अदालत में केस चल रहा है। उन्हें सूचनाएं मिली थी कि उक्त आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद फिर से उक्त मेथनॉल से बनी नकली शराब का कारोबार शुरू हुआ है, जिस पर लगातार छापेमारी कर कार्रवाइयां की जा रही हैं। मिनिमम रिटेल प्राइज पंजाब की लिकर पॉलिसी के तहत ही ठेकेदार बेचते हैं शराबः अतिरिक्त कमिश्नर अतिरिक्त कमिश्नर डीएस चीमा ने बताया कि एमआरपी का मतलब आम भाषा में मैक्सिमम रिटेल प्राइज हैं। लेकिन एक्साइज पॉलिसी के मुताबिक शराब के लिए एमआरपी का मतलब मिनिमम रिटेल प्राइज है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शराब का जो रेट तय किया जाता है, ठेकेदार उससे अधिक रेट पर शराब की बिक्री कर सकता है।


