छात्र बोले- लेट आने पर टीचर डस्टर से पीटते हैं:फाइन के नाम पैसे वसूले जाते, कानपुर के महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज का मामला

कानपुर के महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचर और स्टूडेंट्स के बीच का विवाद थम नहीं रहा है। 6 दिन में सोमवार को तीसरीबार कॉलेज में करीब 300 छात्र कॉलेज गेट पर हंगामा किया। हंगामा करने वाले छात्र नेताओं पर मुकदमा दर्ज होने और मांगों पर कोई कार्रवाई न होने से नाराज थे। हंगामे के बाद कई थानों की पुलिस, PAC, एसीपी कल्याणपुर और एडीसीपी वेस्ट मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाकर मामला शांत कराया। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन अटेंडेंस का प्रतिशत और लेट आने को आधार बनाकर साल में लाखों रुपए की वसूली करता है। इस पेनाल्टी के पैसे कैश में लिए जाते हैं। क्लास के अंदर टीचर छात्रों को डस्टर से पीटते हैं। छात्रों और टीचरों के बीच आखिर विवाद क्या है? ये विवाद क्यों हुआ? कॉलेज के छात्रों की मांगे क्या हैं? कॉलेज लेट आने पर कितनी पेनाल्टी वसूली जाती है? अगर छात्र पेनाल्टी नहीं देता है तो उसके साथ क्या होता है? इन सभी सवालों पर हमने छात्रों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… पहले पढ़ते हैं विवाद कब और कैसे शुरू हुआ देर से पहुंचने पर छात्र-छात्राओं को टीचरों ने डंडे-बेल्ट से पीटा मंधाना में जीटी रोड पर महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज है। यहां प्रोफेशनल्स कोर्सेस की पढ़ाई होती है। कॉलेज में क्लासेज सुबह 9 बजे से शुरू होती है। 4 फरवरी को बीबीए, बीसीए और बीटेक के कई छात्र सुबह 9 बजे के बाद कॉलेज पहुंचे। उन्हें गेट बंद मिला। उन्होंने गेट खुलवाया। आरोप है कि देर से पहुंचने वाले छात्रों को कॉलेज में टीचरों ने डंडों और बेल्ट से पीटा। पिटाई से छात्र अभिषेक, चित्रांश, कृष्णा, अग्रिम द्विवेदी, अक्षांश, अस्मित सोनकर के अलावा छात्राएं मुस्कान, अंजली, अंशिका, अनन्या भी घायल हो गईं। डंडे की पिटाई से मुस्कान का हाथ फट गया। हाथ में गंभीर चोट लगने पर इन चारों छात्राओं को कॉलेज के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह बात जब कॉलेज के अंदर छात्रों को मिली तो वे भड़क उठे। इसके बाद हंगामा हुआ। हंगामा बढ़ने पर कॉलेज प्रबंधन ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष चंद्र मौर्य, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल कुमार पाठक को सस्पेंड कर दिया था। तब पुलिस ने टीचर अनिल पाठक, सुभाष मौर्य और पंकज केस दर्ज किया था। तब करीब 7 घंटे बवाल चला था। पहले दिन छात्रों ने विवाद के बाद ये मांगें रखी थीं छात्रों की बैठक में सस्पेंडेड टीचर पहुंचने से हंगामा, छात्र नेता समेत 25 पर FIR 6 फरवरी को मकड़ीखेड़ा में पंडित मैगी प्वाइंट के पास छात्र संघ बहाली मोर्चा और छात्रों से मारपीट करने वाले शिक्षक आमने-सामने आ गए। छात्र नेता अभिजीत राय अपने साथियों के साथ बैठे थे। वहां पर महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कालेज के छात्रों से मांगों पर कोई नतीजा न निकलने को लेकर बैठक होनी थी। बैठक में आगे की रणनीति बनाई जानी थी। तभी वहां सस्पेंड किए गए शिक्षक सुभाष मौर्य आ पहुंचे। दोनों पक्षों में विवाद हुआ और मौके पर आई पुलिस अभिजीत राय व अनस साहू को थाने ले आई। सस्पेंड किए गए शिक्षक सुभाष का आरोप है कि अभिजीत व अनस आदि ने उनके साथ मारपीट की। इस मामले में अभिजीत का कहना है कि कोई भी मारपीट नहीं की गई। देर रात तक कल्याणपुर थाने में अभिजीत राय व अनस साहू को पुलिस हिरासत में रखा गया। छात्रों ने थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद देर रात दोनों छात्र नेताओं को थाने से छोड़ दिया गया। देर रात पुलिस ने सुभाष चंद्र मौर्य की तहरीर पर अभिजीत राय, अनस साहू, आयुष, ऐश्वर्य समेत 20-25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मांगे पूरी न होने पर छात्रों ने धरना देकर नारेबाजी की छात्रों पर मुकदमा लिखने के बाद छात्रों का आक्रोश भड़क उठा। शनिवार को छात्रों ने योजना बनाई। अगर सोमवार को मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रोटेस्ट किया जाएगा। 9 फरवरी की सुबह छात्र महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कालेज पहुंचे। छात्रों ने प्रोटेस्ट शुरु कर दिया। छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस प्रोटेस्ट में छात्रों के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। छात्रों के हंगामे की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी कल्याणपुर व एसीपी कल्याणपुर भी कालेज पहुंचे। काफी देर चले हंगामें के बाद दोपहर एक बजे के करीब कालेज मैनेजमेंट ने एक लेटर जारी करते हुए मांगों को मानने की बात कही। लेटर में लिखा- यह व्यवस्था अस्थाई रूप से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इसके बाद छात्रों ने प्रोटेस्ट खत्म कर दिया। कॉलेज ने 31 मार्च तक अस्थाई रूप से ये मांगे मानी
अब पढ़िए छात्रों ने क्या कहा कॉलेज के छात्रों ने बताया कि मैनेजमेंट ने लेट फीस और अटेंडेंस कम होने के नाम पर वसूली कर रहा है। 90 प्रतिशत अटेंडेंस कंपलसरी है। अटेंडेंस कम होने पर पेनाल्टी वूसली जाती है। लंच के समय बाहर नहीं जाने दिया जाता है। वह छात्रों से एक साल में 20 हजार से ज्यादा तक फाइन वसूल लेता है। छात्रों को यह फाइन हर हाल में भरना ही पड़ता है। अगर कोई छात्र फाइन नहीं देता है तो उसके शैक्षणिक दस्तावेज और एनओसी आदि लेने के समय उससे वसूल लिए जाते हैं। कई बार फाइन न भरने पर छात्र को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। छात्र बताते हैं कि फाइन कैश के रूप में जमा किया जाता है।
डस्टर व थप्पड़ों से होती पिटाई दैनिक भास्कर एप के रिपोर्टर को कॉलेज के स्टूडेंट्स ने कुछ वीडियो शेयर किए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि क्लास रूम में छात्रों की डस्टर और थप्पड़ों से पीटाई की जा रही है। इसके अलावा छात्रों ने बताया कि क्लास के भीतर उनको अपनी बात रखने पर भी जमकर पीटा जाता है। शिकायत करने पर टर्मिनेट करने की धमकी दी जाती है।
छात्र नेता बोले- छात्रों की मांग पूरी नहीं हुई तो धरना देंगे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री दिनेश यादव ने बताया कि चार फरवरी को कालेज में अप्रिय घटना हुई। जिसको लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को रखा था। कालेज द्वारा कहा गया था कि तीन दिन में निर्णय देंगे। मांगें पूरी न होने पर छात्रों ने सोमवार को फिर से प्रोटेस्ट किया। हंगामें के बाद संस्थान द्वारा एक लेटर जारी किया गया। जिस पर छात्र संतुष्ट नहीं है। लिखा है कि नियमों को स्थायी रूप से लागू किया जाए। मांगों को पूरी तरह से माना जाए।

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