वनांचल ग्राम कोदवा गोड़ान में दीनदयाल वनवासी सेवा समिति द्वारा संचालित दीनदयाल वनवासी बालक छात्रावास में पूर्व छात्र व अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय पंडरिया विधायक भावना बोहरा शामिल हुईं। उन्होंने यहां न केवल वनवासी समाज के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा साझा की, बल्कि अपनी छात्र राजनीति और विद्यार्थी जीवन के संघर्षपूर्ण अनुभवों को भी साझा कर युवाओं को प्रेरित किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा का उजियारा फैलाना और अपनी पारंपरिक संस्कृति को सहेजना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का संकल्प तभी साकार होगा, जब समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचे। हमारे वनवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार प्रतिभा है, बस उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। शिक्षा किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, संस्कृति से भी जोड़े रखें भावना बोहरा ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से भी जोड़े रखनी चाहिए। समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छात्रावास के माध्यम से बच्चों को न केवल शिक्षा मिल रही है, बल्कि उनमें संस्कार और राष्ट्रवाद की भावना भी जागृत की जा रही है। दीनदयाल वनवासी सेवा समिति के कार्य पर संतोष व्यक्त किया। वनांचल के दूरस्थ क्षेत्रों में जनजागरूकता लाना और युवाओं के भविष्य को संवारने का जो बीड़ा समिति ने उठाया है, वह अभिनंदनीय है। विधायक बोहरा ने विकास कार्यों को लेकर की चर्चा कार्यक्रम के ग्रामीणों ने विधायक भावना बोहरा में विकास कार्य को लेकर चर्चा की। ग्रामीणों ने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। दर्जनों सड़क निर्माण हो रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। वहीं, भावना बोहरा ने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगी और वनांचल में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।


