एमआईजी थाने में पदस्थ और डीसीपी ऑफिस में अटैच सिपाहियों व सोनकच्छ के दो बदमाशों ने मिलकर शहर के एक ट्रेडिंग कारोबारी के साथ सरेराह लूट कर दी। कारोबारी को यूएसडीटी खरीदने के बहाने बुलाया। फिर उसे अगवा कर सुनसान इलाके में ले गए। वहां पैसे छीने और करंसी भी ट्रांसफर कर ली। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जवानों को हिरासत में ले रखा है। मालूम हो, यूएसडीटी एक प्रमुख स्टेबलकॉइन (stablecoin) है, जो अमेरिकी डॉलर (USD) से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी है। पलासिया पुलिस ने खजराना इलाके में रहने वाले अब्दुल फहाद की शिकायत पर सोनकच्छ के नावेद लोधी, उसके साथी साहिल और दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का केस दर्ज किया है। दो अन्य आरोपी डीसीपी ऑफिस में अटैच सिपाही मनोज मालवीय व एमआईजी थाने में पदस्थ सिपाही अविनाश चंद्रवंशी हैं। फरियादी ने पुलिस को बताया शनिवार शाम मां के खाते में एटीएम के मार्फत ढाई लाख रुपए जमा करने के लिए भाई जुनैद के साथ चंद्रलोक चौराहा स्थित एटीएम पर पहुंचा। यहां पैसे डाल रहा था तभी पीछे से साहिल आया। उसके पीछे बुलेट पर पुलिसकर्मी आए। उन्होंने धमकाया और सुनसान जगह पर ले गए। वहां मेरे पैसे छीने। मेरे मोबाइल से नावेद के अकाउंट में 4000 यूएसडीटी करंसी ट्रांसफर करवा ली। फिर वे चले गए। आरोपी किसी भी विभाग का हो, उसे बख्शेंगे नहीं
दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। केस में जो भी बयान और तथ्य सामने आए हैं, उसकी जांच की जा रही है। दो अन्य आरोपी हैं। उनकी भी पुष्टि फुटेज खंगालकर कर रहे हैं। आरोपी किसी भी विभाग का हो बख्शेंगे नहीं।
– तुषार सिंह, एसीपी, संयोगितागंज
भास्कर इनसाइट नावेद ने सूचना दी, जवानों ने साजिश रची
पुलिस सूत्रों के अनुसार नावेद ने बताया कि सिपाही मनोज बचपन का मित्र है और साथ में पढ़ा है। उसने मुझे बोला था कि कोई बड़ा काम हो तो बताना। मैं 6 फरवरी को इंदौर आया। अगले दिन मैंने सिपाही मनोज, अविनाश और मेरे दोस्त साहिल को अब्दुल के बारे में जानकार दी कि वह करंसी का काम करता है। फिर दोनों सिपाहियों ने हमारे साथ साजिश रची। मैंने अब्दुल को फोन लगाकर 3 लाख में 4 हजार यूएसडीटी खरीदने की बात कही। यह भी प्लान बनाया कि उसे पैसे देकर यूएसडीटी लेना है। जब वह पैसे गिन रहा होगा तो पुलिस जवान उसे पकड़ लेंगे। उसने अपना हुलिया और इलेक्ट्रिक गाड़ी बताई। स्थान तय होते ही साहिल और दोनों पुलिसकर्मी एटीएम पर पहुंचे, फिर वारदात को अंजाम दिया। पहले आरोपियों को बचाने का प्रयास, अब अज्ञात
पुलिस ने दोनों जवानों को बचाने के लिए काफी प्रयास किया। जब फरियादी नहीं माना तो सिपाहियों को नामजद न करते हुए अज्ञात और संदेही आरोपी बनाया है। इसलिए उनकी सोमवार को भी गिरफ्तारी नहीं ली है। यह भी पता चला है कि आरोपी पुलिसकर्मी वर्दी में पहुंचे थे। खाकी को पहले भी किया शर्मसार 1. दिसंबर 2023 : चंदन नगर के दो सिपाहियों योगेश चौहान और दीपक यादव ने हवाला का पैसा समझकर गुजरात जा रही बस में से 14 लाख रुपयों से भरा पार्सल उठाया था। पुलिस ने उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया था। 2. 15 सितंबर 2025 : लोकायुक्त ने आजाद नगर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र राजपूत को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। उसने हत्या के मामले में आरोपी पक्ष की मदद के लिए 2 लाख रुपए मांगे थे। पहली किस्त के एक लाख रुपए के साथ लोकायुक्त की टीम ने उसे धरदबोचा था। 3.10 जनवरी 2025 : विजय नगर के टीआई रवींद्र सिंह गुर्जर को भी डिमोट कर तीन साल के लिए सब इंस्पेक्टर बनाया गया है। एसआई संजय धुर्वे के दो और कांस्टेबल लोकेंद्र सिंह सिसौदिया के एक इंक्रीमेंट रोके। गुर्जर पर आरोप था कि 15 जून 2023 को तत्कालीन टीआई गुर्जर के कार्यकाल में सिपाही लोकेंद्र सिंह और मुकेश लोधी ने तीन युवकों व एक नाबालिग को ऑनलाइन सट्टे के आरोप में पकड़ा था। अगले दिन अफसरों को शिकायत मिली कि उन्होंने पैसे लेकर युवकों को छोड़ दिया और एफआईआर भी दर्ज नहीं की थी।


