मनीषपुरी-रिंग रोड के बीच सड़क पर 30 से ज्यादा बिजली के खंभे नगर निगम आज तक नहीं हटा सका है। सड़क का अधिकांश हिस्सा तैयार हो चुका है, लेकिन बिजली के खंभे नहीं हटने से सड़क पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। सोमवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यहां का जायजा लिया। महापौर ने बिजली कंपनी और निगम अधिकारियों को तत्काल खंभे शिफ्ट करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सड़क के एक हिस्से में दो परिवारों से 5 से 8 फीट अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है। एक ओर एक व्यक्ति ने शेड बना रखा है, जिससे काम अटका हुआ है। मौके पर मौजूद परिवारों से चर्चा की गई। रहवासियों ने कहा कि वे पहले ही अपनी जमीन दे चुके हैं और दोबारा कितनी जमीन चाहिए, यह स्पष्ट किया जाए। मुआवजे के सवाल पर अधिकारियों ने बताया कि नियम अनुसार केवल एफएआर का लाभ दिया जा सकता है, नकद मुआवजे का प्रावधान नहीं है। गौरतलब है कि यह सड़क वर्ष 2022 से प्रस्तावित है। करीब तीन साल बाद अब इसका अधिकांश काम पूरा हो चुका है। हालांकि बिजली के खंभों की शिफ्टिंग और कुछ छिटपुट काम शेष हैं। अधिकारियों ने बताया कि सड़क का अलाइनमेंट विवाद कई साल पुराना है। भूमि निगम स्वामित्व की तो डेवलपमेंट प्लान तैयार करें महापौर सुबह साकेत नगर क्षेत्र में चल रहे अन्य विकास कार्य देखने पहुंचे। महापौर ने साकेत के समीप स्थित शासकीय खदान भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि भूमि निगम स्वामित्व की है तो इसके लिए डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में क्षेत्रीय सुविधाओं के विस्तार में इसका उपयोग किया जा सके। उनके साथ विधायक महेंद्र हार्डिया, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौड़, राजेश उदावत, पार्षद मृदुल अग्रवाल, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री नरेश जायसवाल, उपयंत्री पराग अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 370 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी रोड बनेगी महापौर ने श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल से महावीर बाग पानी की टंकी तक बन रही सड़क परियोजना भी देखी। करीब 2.27 करोड़ की लागत से बन रही यह सड़क 370 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी होगी। एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने बताया कि मार्ग में निगम की पानी की टंकी और एक सुविधाघर भी सड़क की जद में आ रहे हैं। इस पर तय हुआ कि उपलब्ध जगह के अनुसार सड़क बनाई जाएगी और सुविधाघर हटाया जाएगा। महापौर ने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी है, इसलिए गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए।


