होली का त्योहार आते ही रेल यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को लौटते हैं और त्योहार मनाने के बाद वापस काम पर जाने के लिए भी ट्रेन से सफर करते हैं। इसी अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने इस बार विशेष तैयारी की है। रेलवे ने पिछले साल की तुलना में रिकॉर्ड संख्या में स्पेशल रेल सेवाएं चलाने की योजना बनाई है। इसी क्रम में 7 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को पहले ही नोटिफाई किया जा चुका है और अन्य ट्रेनों की घोषणा चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगराकैंट-असारवा-आगराकैंट स्पेशल ट्रेन को होली के अवसर पर सप्ताह में पांच दिन चलाने का फैसला लिया गया है, ताकि यात्रियों को कंफर्म सीट मिल सके और यात्रा सुगम हो सके। आगराकैंट-असारवा स्पेशल ट्रेन का संचालन कार्यक्रम उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यह विशेष ट्रेन एक मार्च से 29 मार्च तक चलाई जाएगी। आगराकैंट से असारवा जाने वाली स्पेशल ट्रेन सप्ताह में बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर असारवा पहुंचेगी। इसी तरह, वापसी में असारवा से आगराकैंट जाने वाली स्पेशल ट्रेन 2 मार्च से 30 मार्च तक हर सोमवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर आगराकैंट पहुंचेगी। इस तरह कुल 21-21 ट्रिप करवाई जाएंगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। मार्ग में पड़ने वाले स्टेशन और डिब्बों की व्यवस्था यह स्पेशल रेल सेवा अपने रास्ते में कई जरूरी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन फतेहपुर सीकरी, रूपबास, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, केशोरायपाटन, बूंदी, मांडलगढ़, चंदेरिया, मावली, राणाप्रतापनगर, उदयपुर सिटी, जावर, सेमारी, डूंगरपुर, शामलाजी रोड और हिम्मतनगर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी। यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 23 डिब्बे लगाए गए हैं। इनमें 2 थर्ड एसी कोच, 10 स्लीपर कोच, 9 साधारण कोच और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं। इससे अलग-अलग वर्ग के यात्रियों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार सफर करने का विकल्प मिलेगा। चित्तौड़गढ़ और आसपास के यात्रियों को सीधा फायदा इस स्पेशल ट्रेन का चित्तौड़गढ़ जिले के यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। चंदेरिया और मांडलगढ़ जैसे स्टेशन इस मार्ग में शामिल होने से चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोग आसानी से आगरा, उदयपुर, अहमदाबाद और गुजरात के अन्य हिस्सों तक यात्रा कर सकेंगे। होली के समय बड़ी संख्या में प्रवासी लोग अपने गांव और परिवार के पास लौटते हैं, ऐसे में यह ट्रेन उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। व्यापार, शिक्षा और नौकरी के लिए सफर करने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त ट्रेन से भीड़ से राहत मिलेगी।


