कुछ दिन की शांति के बाद गोमांस के मुद्दे पर भोपाल की राजनीति फिर गर्म हो गई। कांग्रेस नेता रवींद्र साहू ‘झूमरवाला’ के नेतृत्व में आईएसबीटी पर प्रदर्शन हुआ। कांग्रेसी अपने साथ रावण जैसा दिखने वाला 11 मुखी पुतला लेकर पहुंचे थे। इसमें बीच में महापौर मालती राय का चेहरा लगा था और दोनों ओर 5-5 एमआईसी सदस्यों के चेहरे लगे थे। महापौर और एमआईसी सदस्यों पर गोहत्या में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेसियों ने कहा कि यदि यह इस्तीफा नहीं देते हैं तो राज्य शासन को इन्हें अयोग्य ठहरा कर बर्खास्त कर देना चाहिए। हल्ला मचने पर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी गई। लेकिन, स्लॉटर हाउस की डीपीआर और टेंडर जारी करने से लेकर इसके निर्माण और संचालन से जुड़े बड़े अफसरों को छोड़ दिया गया है। एसडीएम एलके खरे और अपर आयुक्त वरुण अवस्थी को कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पार्षद मोनू सक्सेना व कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। गोहत्या जैसे संवेदनशील विषय पर हम मौन नहीं बैठेंगे। स्लॉटर हाउस खुला तो अर्जेंट हियरिंग: हाई कोर्ट स्लॉटर हाउस को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने कहा कि यदि स्लॉटर हाउस के ताले खुले तो याचिकाकर्ता अर्जेंट सुनवाई के लिए आवेदन कर सकते हैं। नगर निगम ने बताया कि स्लॉटर हाउस बंद है। याचिकाकर्ताओं ने संचालन को नियम विरुद्ध और पर्यावरण व जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बताया। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।


