दुर्ग जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसएसपी विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम में थाना प्रभारियों औक राजपत्रित अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। क्राइम मीटिंग में जांच की गुणवत्ता, लंबित मामलों की स्थिति, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, प्रशासनिक अनुशासन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान एसएसपी विजय अग्रवाल ने अधिकारियों को 16 बिंदुओं पर काम करने के निर्देश दिए। गंभीर और संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। क्राइम मीटिंग में एसएसपी ने आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों, फरार वारंटियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। अवैध हथियार, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। थाना प्रभारियों को 16 बिंदुओं में निर्देश बैठक में थाना प्रभारियों को प्रतिदिन थाना गणना उपस्थित सुनिश्चित करने, स्थानीय जन-शिकायतों का त्वरित निराकरण करने, गंभीर अपराधों की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर दर्ज करेंगे। सभी आरक्षकों के लिए A-B नोटबुक संधारण अनिवार्य किया गया, जिसका साप्ताहिक निरीक्षण थाना प्रभारी करेंगे। रात्रिकालीन गश्त के प्वाइंट बढ़ाने, थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। ये हैं 16 प्वाइंट के निर्देश NAFIS, ई-चालान और डिजिटल सिस्टम पर जोर बैठक में नेफिस (NAFIS) प्रणाली के शत-प्रतिशत पालन पर विशेष जोर दिया गया। बीट व्यवस्था को मजबूत रखने, विधानसभा सत्र के दौरान सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। ई-चालान, ई-समन, ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। गांजा और अन्य मादक पदार्थों पर NDPS अधिनियम और आबकारी अधिनियम के तहत निरंतर कार्रवाई करने, जब्त सामग्री का नियमानुसार नष्टीकरण कराने की बात कही गई। जप्त वाहनों व शराब के मामलों में वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि थानों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


