ग्वालियर हाईकोर्ट मे वकील-जज के बीच बहस:वकील ने कहा-आदेश में हमारे साइटेशन दर्ज किए जाएं, जज हुए नाराज, बाद में हुआ समझौता

ग्वालियर हाईकोर्ट में सोमवार को एक केस की सुनवाई के दौरान वकील और जज के बीच में कड़ी बहस हो गई। वकील के कुछ कहने पर जज नाराज हुए और ऐसे शब्द कह दिए जिससे वकील आहत हो गया। हाईकोर्ट के गलियारों से यह बातचीत बाहर निकली और दिन भर चर्चा रही। मामला तूल पकड़ता उससे पहले जज राजेश कुमार गुप्ता, अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया व स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया की आपस में मुलाकात हुई और उनके बीच सुलह हो गई। हालांकि मामला प्रशासनिक जस्टिस तक भी पहुंचा है। इस सुनवाई में अधिवक्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। दरअसल सोमवार को हाईकोर्ट में कोर्ट रूम नंबर दस में जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की कोर्ट थी। जिसमें लिस्टेट केस नंबर तीन पर जो केस लगा था उसमें सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया कोर्ट में वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेस) के जरिए जुड़े थे। जब वह अपने केस से संबंधित एफआईआर को पढ़ रहे थे तो बीच में बोलते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए एडवोकेट भदौरिया को टोका कि वह पूरी एफआईआर पढ़ें। इस पर अधिवक्ता भदौरिया ने भी जवाब दिया कि मेरी बहस पूरी हो जाए, इसके बाद पढूंगा। अधिवक्ता के आरोप के बाद जज हुए नाराज
इसी बीच सुनवाई के दौरान एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि हम 20-20 साइटेशन देते हैं, लेकिन आदेश में उनका उल्लेख तक नहीं किया जाता है। इसको लेकर जस्टिस गुप्ता ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि यदि कोई आपत्ति है तो उसकी एसएलपी लगा सकते हैं। इसके बाद अधिवक्ता वीसी से कट हो गए, जबकि जज गुप्ता ने ऐसा कुछ कहा जो बाद में अधिवक्ता को पता लगा तो वह आहत हो गए। इसके बाद वहां वकीलों में भी इसको लेकर गुस्सा हुआ, लेकिन शाम तक एडवोकेट अवधेश भदौरिया, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया व जज गुप्ता के बीच बातचीत के बाद मामला खत्म हो गया। एडवोकेट भदौरिया बोले- मेरी बात पर जज साहब नाराज हो गए थे मैं, केस की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ा था। मैंने मामले में जो केस लॉ मेंशन किए हैं। उनको कंसीडर कर लिया जाए, ऐसा कोर्ट में निवेदन किया। इसी बात पर जज साहब नाराज हो गए। इसी दौरान मैं वीसी से हट गया था। बाद में मुझे पता लगा कि मेरी बात पर जज साहब नाराज हुए थे। जिसके बाद मैं स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेम सिंह भदौरिया के साथ जज साहब से मिला और जो गिले शिकवे थे वह दूर हो गए।

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