डीग शहर में सार्वजनिक भूमि और आम रास्तों पर अवैध अतिक्रमण की समस्या गंभीर होती जा रही है। सड़कों और गलियों में पत्थर, पटिया तथा अन्य निर्माण सामग्री डालकर रास्ते रोके जा रहे हैं। अधिकारियों की अनदेखी के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे नागरिकों में रोष है। ऐसा ही एक मामला मेला मैदान क्षेत्र से सामने आया है, जहां खटीक मोहल्ले के पास स्थित सार्वजनिक कुआं और देवालय भी अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि मेला मैदान निवासी राजेंद्र वैश्य द्वारा लंबे समय से रास्तों पर पत्थर व पटिया रखकर अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने चारों ओर पक्की बाउंड्री वॉल बनाकर उस आम रास्ते को बंद कर दिया है, जो खटीक मोहल्ले की गली तक जाता है। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में इसी स्थान पर एक अस्थायी टीन शेड बनाकर शराब के ठेकेदार को किराए पर दिया गया था। इससे वहां से गुजरने वाली महिलाओं और स्थानीय निवासियों को शराबियों के उत्पात के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस प्रकार के अतिक्रमण से न केवल शहर के सौंदर्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, बल्कि मेला मैदान जैसी सार्वजनिक जगह की स्थिति भी खराब हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन गली-मोहल्लों में हो रहे छोटे अतिक्रमणों पर भी ध्यान दिया जाए तो आमजन को बड़ी राहत मिल सकती है। बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर, लकड़ी और पत्थर विक्रेता खुलेआम सड़कों पर सामान रखकर रास्तों को अवरुद्ध कर रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस और प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नागरिकों ने नगर परिषद से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।


