स्वच्छता सर्वेक्षण की लिस्ट जारी करने से पहले टीमें जांच करने आएंगी। कोटा में इस महीने के आखिर तक केंद्रीय टीम के कोटा आने की संभावना है। वहीं इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की टूलकिट में स्कूलों को भी शामिल किया है। जिसमें स्कूलों में सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट व बिहेवियर चेंज के 500 नंबर मिलेंगे। इसका उद्देश्य स्कूलों के बच्चों में व्यवहार परिवर्तन, सफाई का महत्व, गदंगी का समाधान की समझ को डवलप करना है जिससे स्टूडेंटस भी शहरों की सफाई में अपनी भागीदारी निभा सके। स्वच्छता सर्वेक्षण इस बार भी 12 हजार 500 नंबर का ही होगा। उसमें 500 नंबर स्कूलों के लिए निर्धारित किए हैं। इसमें भी सबसे अधिक 100 नंबर स्कूल परिसर की सफाई के होंगे। इसके अलावा स्कूलों में वेस्ट मैनेजमेंट, गीले सूखे कचरे को अलग अलग करने के 40, हर क्लास, रसोई व मुख्य स्थानों पर डस्टबीन का उपयोग के 35, शौचालयों में रंग कोटेड डस्टबीन के 35, जैविक कचरे की परिसर में ही कम्पोस्टिंग के 40 नंबर तय किए गए हैं। इसके अलावा अलग अलग कैटेगिरी में नंबर बांटे गए हैं। कोटा में पहले दो नगर निगम उत्तर दक्षिण होने से हर निगम की पांच लाख से अधिक की आबादी मानते हुए उस श्रेणी के शहरों के आधार पर स्वच्छता सर्वेक्षण किया जा रहा था। वहीं इस बार कोटा में एक नगर निगम हो गया है। ऐसे में इस बार दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों व निगम के हिसाब से इसकी रैकिंग होगी। नगर निगम की ओर से इस बार करीब 1 हजार नए डस्टबीन खरीदे जाएंगे।


