नागौर सांसद एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान बेनीवाल ने राजस्थान में हवाई क्षेत्र से जुड़े विभिन्न बुनियादी विषयों पर विस्तृत चर्चा की। सांसद ने मंत्री का ध्यान प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों जैसे जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और किशनगढ़ में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की ओर आकर्षित कराया। उन्होंने विशेष रूप से नागौर हवाई अड्डे के विस्तार की मांग मजबूती से रखते हुए डीडवाना में भी नई हवाई पट्टी विकसित करने का प्रस्ताव रखा। बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और किशनगढ़ से घरेलू उड़ानों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि आमजन को सुगम परिवहन मिल सके। चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
बीमा कंपनियों की मनमानी पर लोकसभा में सवाल इसी दौरान लोकसभा में भी सांसद हनुमान बेनीवाल ने जनहित का एक बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि जीएसटी सुधारों के तहत व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स घटाकर शून्य करने के बावजूद राजस्थान सहित कई राज्यों में बीमा कंपनियों ने मूल प्रीमियम को 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। बेनीवाल ने सदन में सवाल उठाया कि जब सरकार ने टैक्स में राहत दी है, तो कंपनियां बेस प्रीमियम बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका क्यों डाल रही हैं? उन्होंने सरकार से इस मनमानी को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना की मांग की।
वित्त मंत्रालय का जवाब और सांसद का कड़ा ऐतराज सांसद के सवाल पर जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) नियमित रूप से प्रीमियम दरों की निगरानी कर रहा है। मंत्री ने सदन को सूचित किया कि जनवरी 2026 में सभी बीमा कंपनियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने जीएसटी राहत के बाद प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है और सरकारी राहत का पूरा लाभ सीधे पॉलिसीधारकों को दिया गया है। हालांकि, सांसद बेनीवाल ने सरकार के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
स्वास्थ्य बीमा को बताया जरूरत, कंपनियों पर धोखे का आरोप हनुमान बेनीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा कोई लग्जरी सुविधा नहीं बल्कि आम आदमी की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी हटने का सीधा लाभ जनता को मिलने के बजाय कंपनियों के कॉर्पोरेट मुनाफे में तब्दील हो गया है। बेनीवाल के अनुसार, बेस प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी जनता के साथ सीधा धोखा है और सरकार इस हकीकत को स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि आईआरडीएआई को सिर्फ कागजी पुष्टि के बजाय जमीनी स्तर पर बीमा कंपनियों की मनमर्जी पर सख्त लगाम लगानी चाहिए, ताकि मध्यम वर्ग की कमर न टूटे।


