पंजाब के सरकारी स्कूलों के साथ फाजिल्का में भी 12 फरवरी को बच्चों को मिड डे मील नहीं मिलेगा। मिड डे मील वर्कर यूनियन पंजाब ने अपनी लंबित मांगों को लेकर इस दिन राज्यव्यापी काम छोड़ो हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के कारण प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को भोजन नहीं परोसा जाएगा। यूनियन की पंजाब प्रधान बिमला देवी और जनरल सचिव कमलजीत कौर ने बताया कि उनका संगठन पिछले 25 वर्षों से राज्य में कार्यरत लगभग 77 हजार मिड डे मील वर्करों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। उनका आरोप है कि किसी भी सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया है। मासिक वेतन बढ़ाने की मांग यूनियन नेताओं ने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में मिड डे मील वर्कर मात्र 100 रुपये प्रतिदिन की बेहद कम दिहाड़ी पर काम करने को मजबूर हैं, जो सम्मानजनक वेतन नहीं है। उनकी मुख्य मांग है कि हरियाणा पैटर्न के अनुसार मिड डे मील वर्करों का मासिक वेतन बढ़ाकर 7500 रुपये किया जाए।
मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान वहीं अन्य प्रमुख मांगों में गर्मी व सर्दी के लिए वर्दी उपलब्ध कराना, आकस्मिक, मेडिकल, प्रसूति एवं अर्जित अवकाश देना, प्री-नर्सरी के बच्चों की गिनती प्राथमिक स्कूलों में शामिल करना, प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो मिड डे मील वर्कर नियुक्त करना, सेवा पुस्तिका जारी कर सीपीएफ कटौती, प्रत्येक वर्कर का 5 लाख रुपये का मुफ्त बीमा तथा वर्कर की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को नौकरी देना शामिल है। 12 फरवरी को स्कूलों में नहीं मिलेगा भोजन यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो 12 फरवरी को अखिल भारतीय स्तर पर काम छोड़ो हड़ताल की जाएगी। इसके तहत पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील नहीं परोसा जाएगा।


