माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से जिले में शुरू हो गईं। पहले दिन 12वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। शिवपुरी जिले के 64 परीक्षा केंद्रों पर कुल 15,455 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस बार बोर्ड परीक्षाओं को प्रश्नपत्र लीक होने की किसी भी आशंका से मुक्त रखने के लिए मंडल द्वारा कड़े नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन के लिए यह बड़ी चुनौती मानी जा रही है, जिसे देखते हुए हर स्तर पर सख्त निगरानी व्यवस्था की गई है। प्रश्नपत्रों को थाने से प्राप्त करने से लेकर परीक्षा कक्ष में खोलने तक की पूरी प्रक्रिया ऐप, जीपीएस ट्रैकिंग और वीडियोग्राफी के माध्यम से मॉनिटर की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। परीक्षा कक्ष में ही खोला गया प्रश्नपत्र का रैपर नियमों के अनुसार प्रश्नपत्रों का रैपर परीक्षा कक्ष से पहले नहीं खोला गया। मल्टीलेयर सुरक्षा पैकिंग में बंद प्रश्नपत्रों को सीधे परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया गया, जहां पर्यवेक्षक की मौजूदगी में ही रैपर खोले गए। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कर मंडल के ऐप पर अपलोड की गई। केंद्राध्यक्षों ने कलेक्टर प्रतिनिधि के साथ थाने से प्रश्नपत्र लेते समय सेल्फी लेकर ऐप पर अपलोड की। इसके बाद थाने से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी समय-सीमा जीपीएस के जरिए ट्रैक की गई। परीक्षा केंद्र पहुंचने पर दोबारा सेल्फी अपलोड करना अनिवार्य रहा। परीक्षा का समय और परीक्षार्थियों की संख्या परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। 8:50 बजे उत्तर पुस्तिकाएं वितरित की गईं और 8:55 बजे प्रश्नपत्र दिए गए। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई।
कुल परीक्षार्थियों में 14,462 नियमित और 933 स्वाध्यायी छात्र शामिल हैं। ओटी आउट रोकना सबसे बड़ी चुनौती पिछले वर्षों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (ओटी) के आउट होने की घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि 25 परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए हैं, जिससे नकल और ओटी आउट पर रोक लगाई जा सके। संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी पूर्व में विवादों में रहे परीक्षा केंद्रों को इस बार विशेष निगरानी में रखा गया है। खोड़, मायापुर, रन्नौद और अमोलपठा को संवेदनशील केंद्र घोषित किया गया है। मॉडल स्कूल शिवपुरी, बालक कोलारस, उत्कृष्ट पिछोर और सीएम राइज करैरा को अति-संवेदनशील केंद्र बनाया गया है। इन सभी केंद्रों पर स्थायी प्रेक्षक पूरे समय तैनात रहेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव के अनुसार परीक्षा की निगरानी के लिए जिला स्तर के साथ-साथ 8 विकासखंड स्तरीय पैनल गठित किए गए हैं। ये पैनल लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसके अलावा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर ट्रैकिंग डिवाइस सक्रिय रखी गई है।


