धान खरीदी को लेकर आम आदमी पार्टी आज, 10 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। पार्टी का कहना है कि राज्य में लाखों किसान अब भी धान बेचने से वंचित हैं, इसलिए धान खरीदी की अंतिम तारीख 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए।आप नेताओं का आरोप है कि धान का भुगतान लेने के लिए किसान सहकारी बैंकों में सुबह 6 बजे से देर रात तक कड़ी धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं। इसके बावजूद बैंकों से एक बार में सिर्फ 25 हजार रुपए ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार पर रकबा समर्पण का दबाव बनाने का आरोप
पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण करवाया। इसका नतीजा यह हुआ कि करीब 3 लाख किसान अब भी धान बेच नहीं पाए हैं। AAP का कहना है कि सरकार की नीयत शुरू से ही धान खरीदी की नहीं थी, इसलिए लगातार नए बहाने बनाए गए। खरीदी केंद्रों की लिमिट कम, किसान परेशान
आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस बार धान खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की लिमिट कम कर दी गई, जिससे किसान सिर्फ टोकन लेकर लाइन में खड़े रहने को मजबूर हुए। टोकन जारी करने से पहले पटवारी, आरआई और तहसीलदारों द्वारा किसानों के घर जाकर भौतिक सत्यापन भी कराया गया। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या सरकार किसानों को संदेह की नजर से देख रही है? केंद्र की ट्रेड डील पर भी सवाल
AAP ने केंद्र सरकार की अमेरिका के साथ नई ट्रेड डील को भी किसान विरोधी बताया। पार्टी का कहना है कि इस समझौते से अमेरिका के कृषि और डेयरी उत्पाद सस्ते दामों पर भारत में आएंगे, जिससे देश की कृषि व्यवस्था और किसानों को बड़ा नुकसान होगा। कर्ज में डूबे किसान, सरकार जिम्मेदार
पार्टी का दावा है कि प्रदेश में करीब 3 लाख किसान अब भी धान नहीं बेच पाए हैं। ऐसे में जिन किसानों ने कर्ज लिया है, वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं। आम आदमी पार्टी ने धान खरीदी में अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। 28 फरवरी तक तारीख बढ़ाने की मांग
AAP ने मांग की है कि जबरन रकबा समर्पण करवाने के मामले में सरकार किसानों से माफी मांगे, सभी किसानों के लिए बेहतर टोकन व्यवस्था लागू करे और जरूरत पड़ने पर सहकारी समितियों के जरिए सीधे धान खरीदी कराई जाए।
पार्टी ने 6 फरवरी को खत्म हुई धान खरीदी की समय-सीमा को 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग दोहराते हुए कहा है कि किसानों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


