हंगामे के बीच 262 करोड़ रूपए का बजट पारित:दौसा में सीवरेज के लिए 100 करोड़ का प्रस्ताव, सफाई की मॉनिटरिंग के लिए बनेगा डेडीकेटेड कॉल सेंटर

दौसा नगर परिषद की बजट बैठक शुक्रवार को गुप्तेश्वर रोड स्थित अंबेडकर सामुदायिक भवन में सभापति कल्पना जैमन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जहां सभापति द्वारा 262 करोड़ रूपए का बजट प्रस्ताव रखते ही पार्षदों ने हंगामा खड़ा कर दिया। लेखा अधिकारी पूनम मीणा ने बजट का प्रारूप पढ़कर सदन को बताया, इस पर पार्षद आय-व्यय का ब्यौरा देने की मांग करने लगे। साथ ही पूर्व की बैठक में लिए गए प्रस्ताव पर कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। ब्यौरा नहीं देने पर पार्षदों ने हंगामा कर दिया। पार्षदों का कहना था कि पिछले 4 वर्षों से लगातार बजट की प्रति बैठक से पूर्व पहुंचाई जाती थी, लेकिन इस बजट के आय-व्यय का विवरण नहीं दिया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष पूरण सैनी, पार्षद शहनवाज खान, ममता शर्मा, जितेंद्र बडेसरा समेत कई अन्य ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बजट में पार्षदों की सलाह नहीं लेने का विरोध जताया। दो पार्षदों के बीच तीखी नोक-झोंक बैठक के दौरान पार्षद शाहनवाज खान व प्रदीप शर्मा के बीच तीखी नोकझोक हुई। इससे एक बार तो बैठक का माहौल ही गर्मा गया, बाद में दोनों को समझाइश कर मामला शांत कराया। बैठक में अधिकांश पार्षद कॉलोनियों व मुख्य रास्तों की रोड लाइट बंद होने, सफाई व्यवस्था, पेयजल व क्षतिग्रस्त सड़कों के मुद्दे उठाते देखे गए। जबकि पिछली बैठक के दौरान भी इन्हीं मुद्दों पर सबसे ज्यादा बहस हुई थी। पार्षद कविता आनंद ने वार्ड में गंदगी, जितेंद्र शर्मा, आशा खंडेलवाल, दीपक प्रजापत ने शहर में गंदगी, रोड लाइट, टूटी सड़क, टूटे नाले के मुद्दे उठाए। सीवरेज के लिए 100 करोड रुपए का प्रावधान नगर परिषद आयुक्त ने बताया कि 262 करोड रुपए का बजट रखा गया है। सीवरेज लाइन के लिए 100 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें राज्य सरकार की पिछली बजट घोषणा में 50 करोड रुपए स्वीकृत हो चुके हैं और टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार के इस बजट में भी 50 करोड रुपए और मिलने की उम्मीद है, जिससे सीवरेज का काम कराया जा सके। उन्होंने बताया कि रोड लाइट के लिए 8 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें मुख्य रास्तों में जहां लाइट नहीं लगी है वहां लाइट लगवाई जाएगी। वहीं सफाई व्यवस्था के सवाल पर आयुक्त ने कहा पूर्व में सफाई व कचरा उठाने के अलग-अलग टेंडर हो रखे हैं। इससे पार्षद भी संतुष्ट नहीं है। ऐसे में डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए नया टेंडर जारी किया जाएगा। जिसकी सॉफ्टवेयर के द्वारा नगर परिषद के साथ पार्षद भी मॉनिटरिंग कर सकेंगे। सफाई की मॉनिटरिंग के लिए बनेगा कॉल सेंटर आयुक्त ने बताया कि इसके लिए एक डेडीकेटेड कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसमें शिकायत करने के 3 घंटे के भीतर उसका निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं नगर परिषद को फिलहाल यूडी टैक्स के रूप में करीब 50 लख रुपए ही प्राप्त हो रहे हैं, ऐसे में उस प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जाएगा। टेंडर जारी करने के बाद प्रत्येक प्रॉपर्टी का सर्वे करवाया जाएगा, जिससे बाद यूडी टैक्स डेढ करोड रुपए के आसपास मिलने की संभावना है।

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