केरल रैगिंग-आरोपी सीनीयर्स को कॉलेज से निकाला जा सकता है:विपक्ष का दावा- पांचों आरोपी सत्ताधारी लेफ्ट की स्टूडेंट विंग SFI से जुड़े

केरल में कोट्टायम में नर्सिंग के स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रबंधन पांचों आरोपी छात्रों को कॉलेज से निकाल सकता है। फिलहाल आरोपियों को सस्पेंड किया गया है। इस मामले में विपक्षी गठबंधन यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शुक्रवार को दावा किया कि आरोपियों का लेफ्ट की स्टूडेंट विंग स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से संबंध है। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने आरोप लगाया कि कोट्टायम रैगिंग मामले के आरोपी SFI के सदस्य हैं। उन्होंने ने आरोप लगाया कि केरल गवर्नमेंट नर्सिंग स्टूडेंट एसोसिएशन (KGNSA) का लेफ्ट की स्टूडेंट विंग से संबंध है। लेकिन सरकार इससे इनकार कर रही है। सतीशन ने कहा कि आरोपी लेफ्ट समर्थक संगठन KGNSA से जुड़े हैं और उनमें से एक संगठन में महत्वपूर्ण पद पर है। हालांकि, SFI ने इन दावों को खारिज किया और कहा है कि उसका आरोपियों से कोई संबंध नहीं है। वहीं केरल के उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु ने कहा कि कोट्टायम रैगिंग घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा मामला केरल के एक सरकारी नर्सिंग कॉलेज में 12 फरवरी को जूनियर्स के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। पांच सीनियर छात्रों ने 3 स्टूडेंट के पहले कपड़े उतारे। फिर उनके प्राइवेट पार्ट पर डंबल (भारी वजन) लटका दिया था। सीनियर्स ने बाद में कंपास और नुकीली वस्तुओं से भी छात्रों को घायल किया। इसके बाद जख्म पर लोशन लगाया। ताकि दर्द और बढ़े। जब पीड़ित दर्द से चिल्लाने लगे, तो उनके मुंह में भी लोशन डाल दिया। तीनों पीड़ित फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट हैं और तिरुवनंतपुरम के रहने वाले हैं। पुलिस ने इस मामले में 13 फरवरी को 5 आरोपी छात्रों को गिरफ्तार किया था। गांधीनगर पुलिस ने बताया था कि सभी को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

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