नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान नयाखेड़ा-बासादेही क्षेत्र के उचित मूल्य दुकान संचालक प्रहलाद कौरव ने सेवा सहकारी समिति सिमरिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कलेक्टर के समक्ष वर्षों से बकाया वेतन और कमीशन का भुगतान न होने की शिकायत दर्ज कराई। प्रहलाद कौरव ने बताया कि वे 4 मई 2015 से समिति सिमरिया में विक्रेता के पद पर कार्यरत हैं। शासन के आदेशानुसार, उन्होंने सिमरिया और नयाखेड़ा, दोनों दुकानों का संचालन किया है। कौरव के अनुसार, नियमानुसार उन्हें एक दुकान के संचालन के लिए 8400 रुपये और दूसरी दुकान के लिए 2400 रुपये, कुल 10800 रुपये प्रतिमाह देय थे। हालांकि, समिति द्वारा उन्हें केवल 5000 रुपये का भुगतान किया गया। इसी राशि में से उन्हें तुलाई का पूरा खर्च भी स्वयं वहन करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से वे लगातार आधे वेतन पर काम कर रहे हैं। अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2023 तक के वेतन और कमीशन का मिलान करने पर लगभग 54 हजार रुपये की राशि बनती है, जिसका भुगतान आज तक नहीं किया गया है। विक्रेता ने यह भी बताया कि समिति द्वारा कटे-फटे और पुराने बारदानों की जबरन बिक्री कराई जा रही है, तथा मनमाने तरीके से राशि की वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे बीते छह-सात वर्षों से लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। हर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आवेदन और दस्तावेज जमा किए गए, कई बार जांच भी हुई, लेकिन उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। भावुक स्वर में प्रहलाद कौरव ने कहा कि लंबे समय से मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक दबाव के कारण वे अत्यंत परेशान हैं और यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो उन्हें कोई कठोर कदम उठाने की मजबूरी हो सकती है। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सेवा सहकारी समिति सिमरिया की जांच कराने का आश्वासन दिया और जांच उपरांत पात्र राशि दिलाने की बात कही।


