फाजिल्का में जनरल रेत वर्कर यूनियन एटक पंजाब द्वारा स्थानीय प्रताप बाग में बैठक कर प्रदर्शन किया गया । इस दौरान आरोप लगाए कि सरहदी इलाके में सतलुज करीक के नजदीक रेत की माइनिंग हो रही है । जिसे मंजूरशुदा माइनिंग बताया जा रहा है । और मशीनों के जरिए रेत की खुदाई करवाई जा रही है । जबकि उनके मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है । प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से काम देने की मांग करते हुए चेतावनी दी अगर उनकी सुनवाई न हुई तो जिला प्रशासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे । रेत मजदूरों द्वारा काम को लेकर बैठक बुलाई कामरेड शुभेग सिंह ने बताया कि रेत मजदूरों द्वारा काम को लेकर ये बैठक बुलाई गई है । सरहदी इलाके में कांवावाली पत्तन सतलुज करीक नजदीक गांव दोना नानका के श्मशान भूमि को रास्ता जाता है । वहां रेत माइनिंग शुरू की गई है ।जहां बड़ी पोकलेन मशीनें लगाकर रेत की खुदाई की जा रही है । जिस पर विभाग ने उन्हें तर्क दिया कि ये मंजूरशुदा खदान है । प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी उन्होंने सवाल खड़े किए अगर मंजूरशुदा रेत की खदान है तो मजदूरों से काम क्यों नहीं लिया जा रहा ।उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले जांच की मांग की है । और रेत मजदूरों को काम देने की मांग की है । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुनवाई न हुई तो जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा । मजदूरों को अधिकारी देने की मांग जनरल रेत वर्कर यूनियन के जिला प्रधान चिमन सिंह ने कहा कि मजदूरों को उनका बनता अधिकार दिया जाए। मशीनों के जरिए रेत की खुदाई बंद की जाए ।उधर विभाग के एसडीओ जगदीप सिंह का कहना है कि सतलुज की डीसिल्टिंग का काम चल रहा है । जिसके चलते खुदाई की जा रही है । जिसमें रेत मिट्टी सब शामिल है । जब उन्हें सवाल किया गया कि मजदूरों को काम न देने के आरोप उनके द्वारा लगाए जा रहे है । जिसपर उन्होंने कहा कि वह किसी कोर्ट मामले मे बाहर है । बाद में जानकारी सांझा करेंगे ।


