नमकीन कंपनियों की छवि खराब करने का आरोप:सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन, नमकीन के पैकेट में हड्डी मिलने से नाराज थे उपभोक्ता

कोटा के नयापुरा परिसर स्थित सीएमएचओ कार्यालय में सोमवार को कोटा नमकीन विकास समिति के सदस्यों ने ज्ञापन सौंपा। समिति ने आरोप लगाया कि शहर में कुछ लोगों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो जानबूझकर नमकीन कंपनियों के पैकेट खोलकर उनमें गलत सामग्री मिला देता है और बाद में उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करता है। इसके जरिए संबंधित कंपनियों की छवि खराब की जाती है और बाद में उन्हें फोन कर पैसे की मांग की जाती है। कोटा नमकीन विकास समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से स्थानीय नमकीन उद्योग की साख को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कई कंपनियों को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठे और भ्रामक वीडियो फैलाए जा रहे हैं। इसी को लेकर समिति ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन देकर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जिला कलेक्टर को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया है। कमल नमकीन के मालिक महेश अरोड़ा ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी के पैकेट खोलकर उनमें गलत चीजें मिलाई जाती हैं और फिर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिए जाते हैं। इससे कंपनी की छवि धूमिल होती है और बाद में उनसे हर्जाने की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि उनका कारखाना पूरी तरह ऑटोमेटिक है और सफाई व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। पिछले दो महीनों से लगातार सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संभव है किसी बाहरी कारण से, जैसे बिल्ली या चूहे के कारण, कोई चीज पैकेट तक पहुंच गई हो। वहीं दूसरी ओर, कमल नमकीन के पैकेट में हड्डी मिलने का मामला भी सामने आया है। महिला वकील सीमा वैष्णव ने बताया कि उन्होंने कमल नमकीन का एक पैकेट खरीदा था, जिसमें से हड्डी निकली। उन्होंने दुकानदार को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद कंपनी से संपर्क किया गया और माफी भी मांगी गई। इसके बावजूद उन्होंने उद्योग नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई और कंपनी को नोटिस भी जारी करवाया है। सीमा वैष्णव ने कहा कि यदि पैकेट में मौजूद सामग्री किसी छोटे बच्चे के हाथ लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था, इसलिए बड़े कारखानों को सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। इसी तरह कुछ दिन पहले जय जिनेंद्र मिष्ठान की दुकान से गाजर का हलवा खरीदने के बाद बदबू आने की शिकायत भी सामने आई थी। शुरुआत में दुकानदार ने इसे मानने से इनकार किया, लेकिन अन्य ग्राहकों के कहने पर आखिरकार गलती स्वीकार की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यदि किसी भी कस्टमर द्वारा खाद्य सामग्री में मिलावट, गंदगी या कोई भी आपत्तिजनक वस्तु मिलने की शिकायत की जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वीडियो बनाकर दुकानदार या कंपनी मालिक से पैसे की मांग करता है या दबाव बनाता है, तो इसकी तुरंत पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। वहीं, यदि किसी कस्टमर के पैकेट में कोई गलत सामग्री निकलती है, तो उसे खाद्य विभाग में शिकायत देनी चाहिए, ताकि विभाग तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर सके

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *