राज्य सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता मंगलवार को डूंगरपुर जिले के दौरे पर रहे। गुप्ता ने डूंगरपुर नगरपरिषद में आयोजित स्वच्छता, रुडिप प्रोजेक्ट व जेजेएम को लेकर आयोजित बैठक में भाग लिया। गुप्ता ने रुडिप और निकाय के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। गुप्ता ने डूंगरपुर की गिरती स्वच्छता रैंकिंग और बदहाल व्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को ‘करो या मरो’ की तर्ज पर काम करने की हिदायत दी। बैठक में एडीएम ओर प्रशासक दिनेशचन्द्र धाकड़ व आयुक्त प्रकाश डूडी की मौजूदगी में ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने शहर में चल रहे सीवरेज और पानी के कार्यों को लेकर रुडिप अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह सड़कें खोदना बंद करें। पहले जो बिगाड़ा है, उसे सुधारें। सड़कें वैसी ही वापस चाहिए जैसी ‘कांच की तरह चमकती’ हुई पहले थीं। उन्होंने रुडिप के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर सड़कें नहीं सुधारी गईं, तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। गुप्ता ने कहा कि डूंगरपुर कभी देश और प्रदेश में स्वच्छता की मिसाल था। लेकिन आज यह पिछड़ चुका है। गंदगी के कारण पर्यटन में भारी कमी आई है। शहर के बगीचों की हालत खस्ता है। शहर में लगे 38 फाउंटेन में से केवल 4 चालू हालत में हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और कचरा यार्ड में कचरा जलाया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। शहर की शान गेपसागर झील की दुर्दशा पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यहां मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) पर कोई रोकथाम नहीं है। शहर के खाली भूखंड कचरे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं और सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी का अंबार है। उन्होंने नगर निकाय के कर्मचारियों और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब उन्हें दुगुनी क्षमता से काम करना होगा। राज्य सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरना होगा। यदि किसी कर्मचारी ने लापरवाही बरती, तो सरकार उसे दंडित करेगी। ब्रांड एम्बेसडर ने गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल बातों से नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम देने से ही काम चलेगा।


