कोतवाली थाना क्षेत्र के आदिवासी समुदाय के लोग मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे और आरोप लगाया कि खनिज विभाग के अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत की बजाय खनिज विभाग की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। परिवार का आरोप-खनिज टीम ने की पिटाई पीड़ित महिला सुखवती ने बताया कि यह घटना 6 फरवरी को सुबह लगभग 10:30 बजे ग्राम मिनोरा टोरिया में हुई थी। उनके अनुसार, खनिज विभाग के कर्मचारी कुलदीप जैन अपने साथियों के साथ वाहन से मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद चंदू आदिवासी और एक नाबालिग युवक को गालियां देने लगे। जब परिवार ने विरोध किया, तो खनिज टीम ने डंडों से युवकों की जमकर पिटाई की। सिर और हाथों में गंभीर चोटें हमले में दोनों युवकों के सिर, पीठ और हाथों में गंभीर चोटें आईं, जिसमें एक युवक का सिर भी घायल हुआ। पीड़ित परिवार के अनुसार, जब उन्होंने पुलिस चौकी और कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, तो एफआईआर नहीं हुई और पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें राजीनामा करने का दबाव भी डाला। कथित तौर पर वीडियो और हस्ताक्षर परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका राजीनामा कथित तौर पर वीडियो बनाने के बाद खाली कागज पर हस्ताक्षर और अंगूठा निशान कराया, जो उनकी मर्जी के खिलाफ था। घायल युवकों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी एक्स-रे और सीटी स्कैन जांच हुई। एकतरफा कार्रवाई की शिकायत आदिवासी परिवार का कहना है कि खनिज टीम के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जबकि 6 फरवरी को खनिज टीम पर हमले के आरोप में कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। परिवार इसे एकतरफा कार्रवाई बता रहा है और न्याय की मांग कर रहा है।


