चंडीगढ़ सेक्टर-40 के कम्युनिटी सेंटर में घर-घर गीले कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने को लेकर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम उस समय विवाद में बदल गया, जब स्थानीय लोगों ने अपने इलाके की खराब सफाई व्यवस्था को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में नगर निगम के स्पेशल कमिश्नर प्रदीप कुमार भदौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम का मकसद लोगों को गीले कचरे से खाद बनाने के लिए जागरूक करना था। इस दौरान पार्षद गुरबख्श रावत ने बताया कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर कंपोस्ट तैयार की जा सकती है, जिससे कचरे की मात्रा कम होगी और पर्यावरण को लाभ मिलेगा। सफाई व्यवस्था को लेकर RWA का विरोध कार्यक्रम के बीच ही सेक्टर-40 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के कुछ सदस्य खड़े हो गए और इलाके में नियमित सफाई न होने की शिकायत करने लगे। उन्होंने स्पेशल कमिश्नर को मोबाइल में गंदगी की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें सड़कों, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थानों पर फैला कचरा नजर आ रहा था। RWA सदस्यों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से सफाई व्यवस्था खराब है। बार-बार शिकायतें करने और फोटो भेजने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद सफाई और विकास कार्यों को लेकर गंभीर नहीं हैं। कुछ निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद कई साल तक विदेश में रहीं, जिससे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हुए और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पार्षद समर्थकों का जवाब इन आरोपों पर पार्षद उर्वशी रावत के समर्थन में उनके पति वरिंदर रावत सामने आए। उन्होंने आरोपों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया। वरिंदर रावत ने कहा कि विरोध करने वालों में से एक व्यक्ति के पास सेक्टर-40 के पार्कों की मेंटेनेंस की जिम्मेदारी है, लेकिन पार्कों की सही देखभाल नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि गंदगी के लिए पार्षद को जिम्मेदार ठहराना गलत है। वरिंदर रावत के बयान के बाद RWA सदस्य और नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट से लेकर मुख्य सड़कों तक गंदगी फैली हुई है। सफाई को लेकर लगातार शिकायतें भेजी जाती हैं, लेकिन इलाके के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह गर्मा गया और कंपोस्टिंग जैसे सकारात्मक विषय पर हो रहा आयोजन आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया। स्पेशल कमिश्नर का बयान चर्चा में कार्यक्रम के दौरान उठी शिकायतों के बीच स्पेशल कमिश्नर प्रदीप कुमार भदौर ने मीडिया की मौजूदगी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कवरेज से नगर निगम की छवि खराब होती है। जब मीडिया कर्मियों ने जवाब दिया कि दोनों पक्षों को दिखाना उनका काम है, तो स्पेशल कमिश्नर ने कहा कि चैनल टीआरपी के लिए कुछ भी दिखा देते हैं। स्पेशल कमिश्नर के इस बयान पर वहां मौजूद नागरिकों और RWA सदस्यों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जनसमस्याओं को उजागर करना मीडिया की जिम्मेदारी है, न कि निगम की छवि खराब करने की कोशिश।


