किडनैपिंग करने वाले मामा-भांजा सहित 3 गिरफ्तार:पड़ोसी निकाला मास्टरमाइंड, बहन की डिलीवरी के नाम पर रिश्तेदार से ली कार, प्लान हुआ फेल

अजमेर की अलकनंदा कॉलोनी से घर के बाहर खेल रहे दो मासूम भाई-बहन के लापता होने का मामला अब सुलझ चुका है। पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति की ओर से दोनों को किडनैप किया था। मास्टरमाइंड पड़ोसी ने अपने भांजे और उसके दोस्त के साथ वारदात से 20 दिन पहले प्लानिंग की थी। लेकिन पुलिस के तुरंत अलर्ट होते ही आरोपियों की प्लानिंग फेल हो गई और दोनों मासूमों को किशनगढ़ में छोड़ना पड़ गया। पुलिस गिरफ्तार मामा-भांजे और तीसरे आरोपी से पूछताछ में जुटी है। यह 3 आरोपी गिरफ्तार वारदात से 20 दिन पहले हुई थी प्लानिंग हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस के अनुसार पूरी किडनैपिंग का मास्टरमाइंड पड़ोसी राजेश धोबी है। राजेश ने अपने भांजे इंद्र और उसके दोस्त कृष के साथ प्लानिंग रची थी। किडनैपिंग करने से करीब 20 दिन पहले ही प्लानिंग की गई थी। मास्टरमाइंड ने भांजे और उसके दोस्त को तीन दिन पहले ही क्षेत्र की रेकी करवा कर घर दिखाया था। सिर्फ लड़के को किडनैप करने का था प्लान पुलिस के अनुसार किडनैपिंग सिर्फ 4 साल के मासूम लड़के के लिए थी। लेकिन मासूम अपनी 7 साल की बहन के साथ घर के बाहर खेल रहा था। बच्ची के कारण प्लानिंग फेल न हो इसके चलते दोनों आरोपियों ने भाई बहन उठा लिया। कुछ देर बाद जब दोनों भाई बहन नहीं मिले तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई थी। जिसके कारण दोनों बच्चों को किशनगढ़ के बस स्टैंड पर छोड़ना पड़ा और इससे किडनैपर की प्लानिंग फेल हो गई। मास्टरमाइंड पुलिस को करता रहा गुमराह पुलिस के अनुसार वारदात का मास्टरमाइंड पड़ोसी राजेश पुलिस को गुमराह करने के लिए कई प्रयास करता रहा। उसने अपने भांजे और उसके दोस्त से किडनैपिंग करवाई थी। खुद मौके पर रहकर पीड़ित परिवार की मदद करता रहा। जब पुलिस वहां पहुंची तो पुलिस की हर जानकारी अपने साथियों को दे रहा था। जब उसे लगा की पुलिस अलर्ट हो गई है तो उसने अपने भांजे को फोन कर बच्चों को सुनसान जगह पर छोड़ने के लिए बोल दिया था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे लापता होने के बाद जब पुलिस ने सीसीटीवी चेक किया तो क्षेत्र में एक सफेद कलर की संदिग्ध कर दिखाई दी। तभी पुलिस ने उसे कर का पीछा करना शुरू कर दिया था। बहन की डिलीवरी के लिए मांगी थी कार पुलिस जांच में सामने की मुख्य आरोपी के भांजे इंद्र ने अपने रिश्तेदार से कार मांगी थी। उसने अपने बहन की डिलीवरी करवाने के लिए अजमेर में अस्पताल के लिए ले जाने के लिए कर मांगी थी। जब वह कार लेकर अजमेर पहुंचा तो बाद में उसने नंबर प्लेट फर्जी गाड़ी पर लगा दी थी। भांजे इंद्र ने अपने दोस्त कृष को 10 हजार किडनैपिंग के बाद देना तैयार हुआ था।

……….. यह खबर भी पढ़ें….. अजमेर से लापता मासूम भाई-बहन किशनगढ़ में मिले:नया बस स्टैंड पर खड़े मिले दोनों, परिजनों ने किडनैपिंग के शक में पुलिस को दी थी शिकायत अजमेर के अलखनंदा कॉलोनी से दो मासूम भाई-बहन मंगलवार रात को खेलते-खेलते लापता हो गए। जिनके अपहरण होने की आशंका के चलते परिजनों ने हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस को शिकायत दी। इधर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कन्ट्रोल रूम से सभी थाना पुलिस को सूचित कर दिया। जिस पर मदनगंज थाना पुलिस ने दोनों बच्चों की तलाश की, तो बच्चे नया बस स्टैण्ड किशनगढ़ पर खड़े हुए मिल गए। जिन्हें पुलिस ने दस्तयाब किया और परिजनों को सुपुर्द किया। (पढ़ें पूरी खबर)

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