नागौर जिले के कुचेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम निम्बड़ी चांदावता में फसल कटाई के दौरान हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में गांव के समस्त ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर एफआईआर संख्या 19/2026 की निष्पक्ष जांच कराने और पूर्व सरपंच श्रीपाल खोझा के परिजनों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाकर निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञापन में बताया गया है कि गत 3 फरवरी को श्रीपाल खोझा के खेत पर फसल कटाई के समय विवाद हुआ था, जहां दूसरे पक्ष के लोगों ने फसल को सही ढंग से नहीं काटा और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मारपीट का वीडियो पूरी तरह भ्रामक है, क्योंकि जिस महिला के साथ मारपीट का दावा किया जा रहा है, वह उस दिन वहां मौजूद ही नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि जाति विशेष को बदनाम करने के उद्देश्य से प्रदर्शन किए जा रहे हैं और झूठे साक्ष्यों के आधार पर दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में पारदर्शी जांच कर निर्दोषों को राहत नहीं दी गई और अनावश्यक धरना प्रदर्शन नहीं रुकवाया गया, तो आगामी 13 फरवरी को जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। ज्ञापन के अंत में समस्त ग्रामीणों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान अंकित हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।
गौरतलब है कि इस मामले में जांच से असंतुष्ट होकर कल मजदूरों कि तरफ से मजदूर संगठनों और दलित संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन को 48 घण्टे का अल्टीमेटम दिया था जिसके बाद मामले की जांच मुंडवा सीओ के बजाय मेड़ता सीओ को सोंपी गई थी।


