बड़वानी जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम बिलवानी, तहसील राजपुर की 15 से 20 महिला सदस्यों ने तीन महिला स्व-सहायता समूहों में लेनदेन की गंभीर अनियमितताओं की शिकायत की। महिलाओं ने कलेक्टर के समक्ष समूह की बुक की जांच और पूरे हिसाब की मांग की। महिलाओं द्वारा प्रस्तुत आवेदनों के अनुसार, गायत्री सहायता समूह, अन्नपूर्णा सहायता समूह और माँ लक्ष्मी सहायता समूह के नाम से लिए गए ऋण की पूरी राशि सदस्यों को नहीं दी गई। शेष राशि का आज तक कोई हिसाब नहीं दिया गया है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं से वसूली गई किश्त की राशि भी बैंक में जमा नहीं कराई गई, जिससे समूह की सदस्य आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। गायत्री सहायता समूह द्वारा कुल 9 लाख 12 हजार 500 रुपये का ऋण लिया गया था, जिसमें से केवल 5 लाख 68 हजार 100 रुपये ही महिलाओं को दिए गए। शेष 3 लाख 44 हजार 400 रुपये का कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार, अन्नपूर्णा सहायता समूह में 4 लाख 74 हजार 109 रुपये के ऋण में से केवल 3 लाख रुपये का वितरण किया गया, जबकि 1 लाख 74 हजार 109 रुपये का हिसाब नहीं मिला। वहीं, माँ लक्ष्मी सहायता समूह में 6 लाख रुपये के ऋण में से सिर्फ 2 लाख रुपये ही सदस्यों को दिए गए, जबकि 4 लाख रुपये की राशि का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि संबंधित बुक कीपरों पर भरोसा कर लेनदेन का कार्य सौंपा गया था, लेकिन उनके द्वारा न तो पूरी राशि का वितरण किया गया और न ही महिलाओं से एकत्रित किश्त की रकम बैंक में जमा कराई गई। इस संबंध में आजीविका मिशन राजपुर को भी पूर्व में सूचना दी गई थी, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर जयति ने महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि तीनों समूहों के लेनदेन की जांच कराई जाएगी और प्रकरण का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि महिलाओं को किसी भी प्रकार से परेशान न किया जाए और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


