विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना रेगुलेशन 2026’ के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मंगलवार, 10 फरवरी को पन्ना में ‘स्वर्ण आर्मी’ के कार्यकर्ताओं ने उमाकांत द्विवेदी के नेतृत्व में इस रेगुलेशन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि UGC का यह नया नियम संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करता है। संगठन ने तर्क दिया कि यह रेगुलेशन संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 की मूल भावना के विपरीत है। इससे सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। हाथों में तख्तियां लिए और नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने तहसीलदार अखिलेश प्रजापति को राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि इस रेगुलेशन पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और इसे निरस्त किया जाए। स्वर्ण आर्मी पन्ना के अध्यक्ष उमाकांत द्विवेदी ने कहा कि वे शिक्षा में सुधार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन समानता के नाम पर किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से इस रेगुलेशन को वापस लेने की मांग की।


