कटनी के सरस्वती ग्राम स्थित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में मंगलवार दोपहर एक शिक्षक पर दसवीं की छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लगने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन छात्रा के बयानों ने मामले को नया मोड़ दे दिया। छेड़छाड़ की जानकारी मिलते ही एनकेजे थाना प्रभारी रूपेश सिंह महिला पुलिस स्टाफ के साथ तत्काल विद्यालय पहुंचे। पुलिस ने छात्रा को संरक्षण में लेकर उससे गहन पूछताछ की और बयान दर्ज किए। हालांकि, पूछताछ के दौरान छात्रा ने छेड़छाड़ की किसी भी घटना से साफ इनकार कर दिया। छात्रा ने किया इनकार थाना प्रभारी के अनुसार, छात्रा ने बताया कि उसके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि विद्यालय प्रबंधन के आंतरिक विवाद में छात्रा को मोहरा बनाने का प्रयास किया गया है। इस मामले में तब नया मोड़ आया जब छात्रावास की अधीक्षिका चेतना चौधरी ने विद्यालय के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विद्यालय में शिक्षकों द्वारा अक्सर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की जाती है। अधीक्षिका ने यह भी बताया कि विरोध करने पर मंगलवार को उनके साथ भी अभद्रता की गई और धमकियां दी गईं। दोनों ने एक दूसरे पर लगाए आरोप वहीं, विद्यालय के प्राचार्य शत्रुघ्न त्रिपाठी ने अधीक्षिका के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। प्राचार्य का कहना है कि अधीक्षिका द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय में बच्चियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या जातिगत अपमान जैसी कोई बात नहीं हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि विद्यालय के प्राचार्य और अधीक्षिका के बीच लंबे समय से आपसी मतभेद चल रहे हैं। थाना प्रभारी रूपेश सिंह ने बताया कि छात्रा ने पूछताछ में संकेत दिया है कि अधिकारियों की आपसी लड़ाई के कारण उसे इस विवाद में घसीटा जा रहा है। इनका कहना है… छेड़छाड़ की सूचना पर हम मौके पर पहुंचकर छात्रा के बयान लिए हैं। छात्रा ने छेड़छाड़ की बात स्वीकार नहीं की है। प्रतीत होता है कि प्राचार्य और अधीक्षिका के बीच विवाद के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।
रूपेश सिंह, थाना प्रभारी, एनकेजे


