देवास जिले के फतेहपुर खेड़ा गांव में एक पूर्व सैनिक की निजी जमीन पर जेसीबी चलाकर जबरन रास्ता निकालने का मामला सामने आया है। सैनिक परिवार का आरोप है कि पड़ोसी को लाभ पहुंचाने के लिए उनकी निजी जमीन पर यह कार्रवाई की गई, जिससे करीब 3 लाख रुपए की खड़ी फसल नष्ट हो गई और 15 लाख रुपए मूल्य की जमीन प्रभावित हुई। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में कलेक्टर ऋतुराज सिंह को शिकायती आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ‘घूमकर न जाना पड़े, इसलिए तोड़ी जमीन’ सैनिक परिवार ने शिकायत में बताया कि संबंधित पड़ोसी के पास आने-जाने के लिए पहले से ही एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है। लेकिन वह घूमकर जाने से बचना चाहता था, इसलिए शॉर्टकट के चक्कर में उनकी निजी जमीन को नुकसान पहुंचाकर जबरन रास्ता बना दिया गया। बिना अधिकारियों के कैसे चली जेसीबी? शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आवेदन में पूछा है कि जब मौके पर तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी जैसे जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे, तो आखिर किसके निर्देश पर खेत में जेसीबी चलाई गई। मुआवजा और निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ितों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना या मुआवजे के उनकी जमीन और फसल को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।


