बलरामपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आमंत्रण कार्ड में नाम न होने और उचित सम्मान न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया, जिससे हाई स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में गहमा-गहमी का माहौल बन गया। नाराज जनप्रतिनिधियों में भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्ण गुप्ता, नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी और जनपद पंचायत बलरामपुर के उपाध्यक्ष बबली संबल शामिल थे। ये सभी मंच पर बैठने के बजाय दर्शक दीर्घा में बैठ गए। कार्यक्रम में मौजूद विधायक उदेश्वरी पैकरा भी जनप्रतिनिधियों के साथ नीचे बैठीं, जिससे यह स्थिति चर्चा का विषय बन गई। जनप्रतिनिधियों को मनाने में जुटे अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनप्रतिनिधियों को मनाने में जुट गए। अधिकारियों ने आमंत्रण में हुई चूक को स्वीकार करते हुए इसे प्रशासनिक भूल बताया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद जनप्रतिनिधियों को मंच पर आमंत्रित किया गया, जिसके बाद कार्यक्रम सुचारु रूप से आगे बढ़ सका। नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने इसे जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद पंचायत और नगर पालिका के उपाध्यक्ष को उचित सम्मान नहीं दिया गया, और स्थानीय पार्षदों को आमंत्रण कार्ड भी नहीं मिले। उन्होंने अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अपेक्षित सम्मान न मिलने की बात कही। जिला अध्यक्ष बोले- कोई नाराजगी नहीं वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने नाराजगी की बात से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री के उद्बोधन को सुनने के लिए सामने बैठ गए थे, और इसे गलत अर्थों में नहीं लिया जाना चाहिए। बता दें कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के तहत लगभग डेढ़ सौ जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।


