प्रदेश की वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार (11 फरवरी) को बजट पेश करेंगी। वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल का यह तीसरा बजट होगा। बजट को लेकर नागौर जिले के लोगों को भी काफी उम्मीदें हैं। नागौर के आम नागरिक से लेकर वकील और किसानों की अपेक्षाएं भी इस बजट से जुड़ी हुई हैं। नागौरी पान मेथी के लिए अलग मंडी नागौरी पान मेथी एक तरफ जहां जियो टैग के लिए प्रक्रियाधीन है। वहीं पूरे क्षेत्र में अपार पैदावार होने के बावजूद यहां इस फसल को बेचने के लिए कोई निर्धारित मंडी नहीं है। जिसकी वजह से किसानों को अपनी उपज ओने-पौने भावों में बेचनी पड़ती है। किसानों को अपेक्षा है कि अगर यहां नागौरी पान मेथी के लिए अलग से मंडी बन जाए तो सहूलियत होगी और फसल के अच्छे भाव भी मिल सकेंगे। एकीकृत न्यायालय परिसर के लिए बजट आवंटन नागौर बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट पवन श्रीमाली ने कहा- नागौर में सभी न्यायलय एक ही स्थान पर नहीं होने से परिवादियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई न्यायालय तो किराये के भवनों में चल रहे हैं। यहां अकीकृत न्यायालय परिसर के लिए 20 बीघा भूमि भी आवंटित कि हुई है लेकिन इस बजट में अगर भवन निर्माण के लिए बजट आवंटित हो जाए तो इस समस्या का समाधान हो जाएगा। जिला अस्पताल में बढें सुविधाएं नागौर जिला मुख्यालय का JLN अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। तक़रीबन 100 किमी के एरिया से लोग इलाज के लिए यहां आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव में यह मात्र एक रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों का आशा है कि इस बजट में इस जिला अस्पताल के हालात सुधरने के लिए सरकार बजट में घोषणा कर सकती है। लोगों की अपेक्षाएं तब और बढ़ जाती हैं जब चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का यह गृह जिला भी है। शहरी क्षेत्र में सड़कों के विकास के लिए अलग बजट नागौर शहरी क्षेत्र में लम्बे समय से बजट के अभाव में सड़कों के हाल ख़राब हैं। शहरी क्षेत्र कि सभी सड़कें वर्तमान में जर्जर हैं और टूटी फूटी हैं। जिसकी वजह से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आम जन को विश्वास है कि शहरी क्षेत्र में बदहाल सड़कों के सुधार के लिए राज्य सरकार अलग से बजट जारी करेगी।


