जशपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जिला स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सीनियर कम्युनिटी हॉल में हुए इस आयोजन में कुल 48 जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार परिणय सूत्र में बंधे। विवाह संपन्न होने के बाद सभी नवदंपत्तियों को विवाह प्रमाण पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक कन्या के नाम पर 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और उपहार सामग्री भी दी गई। इस विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों के परिजन, रिश्तेदार और आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वे इस सामाजिक आयोजन के साक्षी बने। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर से वर्चुअल माध्यम से इस समारोह से जुड़े। उन्होंने सभी नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि कन्यादान को महादान माना गया है और विवाह मानव जीवन के सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। उन्होंने बताया कि 48 जोड़ों का एक साथ वैवाहिक जीवन में प्रवेश करना समाज में सामूहिक सौहार्द, समानता और एकता का संदेश देता है। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि जशपुर जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कुल 48 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें एक दिव्यांग जोड़ा भी शामिल था। उन्होंने पुष्टि की कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को शासन द्वारा 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, उपहार सामग्री और विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से दो जोड़ों को चेक एवं विवाह प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें आशीर्वाद दिया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने इस सामूहिक विवाह समारोह को यादगार बना दिया।


