सतना के भरहुत नगर स्थित हंस विला में मंगलवार दोपहर एक बुजुर्ग महिला की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। महिला की मौत के बाद उसकी बेटी और बेटों ने एक-दूसरे पर मां को प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। मृतका की पहचान 65 वर्षीय अंजू आसवानी के रूप में हुई है, जो भैसाखाना की निवासी थीं। जानकारी के अनुसार, अंजू आसवानी काफी समय से अकेली रह रही थीं, क्योंकि उनके दोनों बेटे अलग रहते थे। उनकी बेटी ने बेटों पर मां का भरण-पोषण न करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की थी। इसके बाद बेटे मां को अपने साथ ले आए थे। महिला के निधन के बाद जिला चिकित्सालय परिसर में ही भाइयों और बहन के बीच तीखी बहस हुई, जिससे शव विवाद का केंद्र बन गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। भाइयों पर मां के साथ मारपीट का आरोप लगाया
मृतका की बेटी कीर्ति रतवानी ने अपने भाइयों भरत और विजय पर मां के साथ मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। कीर्ति का दावा है कि उनके भाई मां के साथ ठीक व्यवहार नहीं करते थे। दूसरी ओर, बेटों का कहना है कि उनकी मां पैरालाइसिस से पीड़ित थीं और जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को उन्हें अस्पताल से घर लाया गया था। मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद बिरला अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। बेटों ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। बहन कीर्ति ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने पहले एम्बुलेंस बुलाई थी, लेकिन भाइयों ने उसे वापस भेज दिया था। परिजनों में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा
बुजुर्ग मां की मौत के बाद जिस प्रकार से हंगामा हुआ वह बताता है कि दोनों पक्षों में लड़ाई किस स्तर पर है। परिजनों के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की पड़ताल जारी है। अब सभी की निगाहें पीएम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।


