एमपी में ‘वॉश ऑन व्हील’ सेवा के मामले में अनूपपुर जिला मध्य प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हो गया है। मंगलवार को जारी प्रदेश स्तरीय सूची में यह जानकारी सामने आई है। इस योजना के माध्यम से जिले में अब तक 1661 शौचालयों की सफाई की जा चुकी है, जिससे स्वच्छता साथियों को 1 लाख 40 हजार रुपए की आय हुई है। 25 क्लस्टरों में दी जा रही सेवाएं जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने बताया कि जिले के गांवों को 25 क्लस्टरों में बांटकर मैपिंग की गई थी। इन क्षेत्रों में स्वच्छता साथी आधुनिक टूलकिट और सुरक्षा किट (पीपीई किट) पहनकर सफाई सेवाएं दे रहे हैं। यह सेवा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मांग और पूर्ति के आधार पर संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को सुधारना है। निर्धारित दरों पर हो रही है सफाई इस सेवा के लिए प्रशासन ने दरें तय की हैं। घरेलू शौचालय की सफाई के लिए 50 रुपए और संस्थागत या सामुदायिक शौचालयों के लिए 200 रुपये का शुल्क लिया जाता है। ग्रामीण अपनी जरूरत के अनुसार मांग दर्ज कर संबंधित स्वच्छता साथी से संपर्क कर सकते हैं। इस पहल से उन शौचालयों को दोबारा उपयोग के लायक बनाया जा रहा है, जो रखरखाव की कमी के कारण गंदगी या तकनीकी खराबी की वजह से बंद पड़े थे। तीन माह में हासिल की उपलब्धि अधिकारियों ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना के महज तीन महीनों के भीतर अनूपपुर ने प्रदेश स्तर पर अपनी जगह बनाई है। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य गांवों को ओडीएफ प्लस श्रेणी में लाना है। नियमित सफाई होने से न केवल शौचालयों का उपयोग बढ़ा है, बल्कि स्वच्छता कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।


