‘कांग्रेसी मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा’:बुरहानपुर में एसआईआर को लेकर विधायक आरिफ मसूद की कोर्ट जाने की चेतावनी

भोपाल विधायक और अल्पसंख्यक नेता आरिफ मसूद मंगलवार शाम पांच बजे बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बुरहानपुर में एसआईआर (संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण) के तहत बड़ी संख्या में फर्जी शिकायतें की गई हैं। इन शिकायतों के माध्यम से फॉर्म भरवाए गए हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कांग्रेस को अधिक वोट मिलते हैं। मसूद ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग के प्रमुख से भी शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि वे बुरहानपुर जिला मुख्यालय पर कलेक्टर को समय रहते सचेत करने आए हैं। यदि शिकायतें फर्जी पाई जाती हैं, तो वे एफआईआर दर्ज कराएंगे और अदालत का भी रुख करेंगे। बोले- मतदाता का हक छीना नहीं जा सकता
विधायक मसूद ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतें फर्जी निकलीं तो कलेक्टर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दबाव में आकर मतदाता का हक छीना नहीं जा सकता। आरिफ मसूद के नेतृत्व में अल्पसंख्यक विभाग के नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर उप जिला निर्वाचन अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश पाटीदार को ज्ञापन सौंपा। मसूद ने आगे कहा कि जो भी कांग्रेस से जुड़ा है, उस हर वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है, और मुसलमान आज की तारीख में पहले नंबर पर टारगेट पर हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘लुटेरों का सिंडिकेट’ चल रहा है और सरकारें लूटकर बनाई जा रही हैं। मसूद के अनुसार, मध्य प्रदेश में सबसे अधिक शिकायतें बुरहानपुर में ही लग रही हैं, जहां अल्पसंख्यक इलाकों में सबसे अधिक फॉर्म 7 भरवाए गए हैं। चेतावनी- एफआईआर दर्ज कराई जाएगी
मसूद ने सभी बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) से अपील की कि वे समय रहते इसमें सुधार कर लें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं किया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ज्ञापन देने का मुख्य मकसद था अधिकारियों को सचेत कर दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह वर्ग विशेष से हटकर उन सभी क्षेत्रों में हुआ है जहां कांग्रेस जीतती है, और फॉर्म सात का दुरुपयोग लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कलेक्टर मदद नहीं करेंगे तो उन्हें भी भुगतना पड़ सकता है। मसूद ने विश्वास जताया कि इस बार जनता कांग्रेस की सरकार बनाएगी। ज्ञापन में यह भी कहा गया
पिछले माह एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित की गई है जिसके तहत मतदाताओं को नो मैपिंग के नोटिस मिले हैं, जिन्हें तहसील बुलाया गया था। मतदाता अपनी आपत्ति सफलतापूर्वक दुरूस्त करा चुके थे, लेकिन अचानक कुछ दिनों में फॉर्म नंबर 7 की हर वार्ड में आपत्ति लगा दी गई। हर वार्ड में 200 से 300 आपत्तियां लगाई गई। कईं वार्डों में तो यह संख्या 500 से 700 तक पहुंच गई हैं। अधिकांश शिकायतें फर्जी हैं। सारी जानकारी आनलाइन प्रिंटेड है और मात्र शिकायतकर्ता की जानकारी हाथ से भरी है। कुछ शिकायतकर्ता विधानसभा क्षेत्र के बाहर के हैं। इस दौरान अल्पसंख्यक कांग्रेस नेता फरीद काजी, सलीम कॉटनवाला, शैली कीर, राकेश खत्री, फहीम हाशमी सहित अन्य मौजूद थे।

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