छतरपुर के अमरपुरा गांव में मंगलवार को बिजली का खंभा सुधारते समय एक आउटसोर्स कर्मी हादसे का शिकार हो गया। करंट लगने से वह करीब 20 से 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लाइन सुधारने चढ़ा था खंभे पर घटना सटई थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। बताया गया कि 29 वर्षीय दयाशंकर पटेल बिजली लाइन ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक करंट लग गया। करंट लगने से दयाशंकर अपना संतुलन खो बैठे और सीधे जमीन पर आ गिरे। गिरने की ऊंचाई ज्यादा होने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे में दयाशंकर पटेल के दोनों पैर टूट गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। साथियों ने पहुंचाया जिला अस्पताल घटना के बाद उनके साथी गौरी शंकर कुशवाहा और बाला प्रसाद पटेल ने विद्युत कंपनी की गाड़ी से घायल कर्मी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार दयाशंकर की स्थिति फिलहाल स्थिर है। हालांकि दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें लंबे इलाज की जरूरत पड़ेगी। कंपनी पर लापरवाही के आरोप घायल कर्मी और उनके साथियों ने विद्युत कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्थायी लाइनमैन की कमी के चलते आउटसोर्स कर्मचारियों से जोखिम भरे काम कराए जाते हैं। कर्मियों का आरोप है कि काम के दौरान उन्हें सेफ्टी बेल्ट, इंसुलेटेड ग्लव्स या हेलमेट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। ऐसे में हर बार जान जोखिम में डालनी पड़ती है। मजबूरी में करते हैं काम आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि नौकरी बचाने और काम पूरा करने की मजबूरी में उन्हें खंभों पर चढ़ना पड़ता है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से खतरा हमेशा बना रहता है। कर्मियों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो आगे भी ऐसे हादसे हो सकते हैं। इस घटना के बाद विभागीय जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।


