बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन की चर्चा तेज:डेरा ब्यास प्रमुख से मिलने पहुंचे मजीठिया, गठबंधन को बताया पंजाब की जरूरत

पंजाब में एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के गठजोड़ को लेकर उठ रही चर्चाओं को उस समय बल मिला, जब दिन में फिरोजपुर में पंजाब के गवर्नर द्वारा नशा मुक्ति को लेकर निकाली जा रही पदयात्रा में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा शामिल हुए। यात्रा डेरा ब्यास के बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों भी मौजूद रहे। वहीं, अब बिक्रम सिंह मजीठिया उनसे मिलने के लिए ब्यास पहुंचे हैं। करीब पांच बजे से यह मुलाकात चल रही है।दूसरी तरफ विरोधी दल गवर्नर के नशा मुक्ति कार्यक्रम में एक मंच पर भाजपा और अकाली दल के नेताओं के आने को लेकर कह रहे हैं कि इन्हीं दोनों की वजह से पंजाब में नशा पहुंचा है। मजीठिया बोले हमने बीजेपी के साथ पहले काम किया हालांकि जब सात महीने बाद कल चंडीगढ़ से बिक्रम सिंह मजीठिया एक काफिले के रूप में निकले थे, तो इस दौरान रास्ते में पत्रकारों ने उनसे अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन को लेकर सवाल किया था।इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह चीज़ सड़क पर तो नहीं बताई जा सकती है, लेकिन आपसे कुछ छिपा रहना भी नहीं है। वहीं, जब होना है तो आपने होने से पहले ही ले आना है। जो आज पंजाब के हालात बने हैं, चाहे वह कानून व्यवस्था के हों, किसानी के हों या जो दिल्ली पंजाब के साथ कर रही है। ऐसे में तेरी-मेरी छोड़ेंगे और पंजाब में शिरोमणि अकाली दल इकट्ठा होंगे।हमने पहले भी भाजपा के साथ इकट्ठे काम किया है। आगे हमें इकट्ठे होना है या नहीं होना है, यह सीनियर लीडरशिप तय करेगी। यह तो फैक्ट है कि 1997 में इकट्ठे सरकार बनी थी, 2007 में इकट्ठे सरकार बनी थी और 2012 में भी इकट्ठे सरकार बनी थी। कई सज्जन इस बात को महसूस करते हैं, इसकी तस्दीक की जरूरत नहीं है। सच को प्रमाण की जरूरत नहीं होती। कई सज्जन चाहते हैं कि इकट्ठे हों। जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या मजीठिया चाहते हैं कि भाजपा के साथ इकट्ठे हों, इस पर मजीठिया ने कहा कि वह तो काफी कुछ चाहते हैं, लेकिन मजीठिया आपको यहां थोड़ी बता देगा। डेरा ब्यास की मुलाकात के बाद मिली जमानत बिक्रम सिंह मजीठिया पर पंजाब विजिलेंस ब्यूरों ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। उसके बाद वह जेल में रहे । दो तारीख को जब उन्हें जमानत मिली तो उससे ठीक पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरविंदर सिंह ढिल्लों ने उनसे मुलाकात की थी। यह उनकी दूसरी मुलाकात थी (पहली सितंबर 2025 में हुई थी)। ढिल्लों ने परिवारिक संबंध का हवाला भी दिया । । ढिल्लों ने आरोपों को “झूठा और बेबुनियाद” बताया और कहा कि मजीठिया उनके दोस्त हैं। तीन फरवरी 2026 (मंगलवार) को दोपहर करीब दो बजे मजीठिया नाभा जेल से बाहर आए। मोहाली कोर्ट ने 2 लाख की सिक्योरिटी बॉन्ड भरा। वहीं, रिहाई के तुरंत बाद मजीठिया ने मीडिया से बात करते हुए SAD-BJP गठबंधन पर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला दोनों पार्टियों की लीडरशिप का होगा, लेकिन अतीत में यह गठबंधन सफल रहा है

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