छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक-दो नहीं बल्कि आज 4 डेडबॉडी के परिजन अस्पताल के मरच्युरी कक्ष के बाहर पीएम होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन शाम के समय डॉक्टर के आने के बाद पोस्टमार्टम हो सका। दरअसल मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग मामले के 4 डेडबॉडी मरच्युरी कक्ष में रखे हुए थे। इसमें खरसिया के तेलीकोट, दूसरा तमनार, पुसौर के पुटकापुरी व एक अन्य गांव से डेडबॉडी यहां पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था। जहां सभी का आज पोस्टमार्टम होना था, पर शाम 4 बजे तक कोई डॉक्टर पीएम करने के लिए नहीं पहुंचा था। ऐसे में परिजनों को काफी देर तक यहां डॉक्टर का इंतजार करते रहे। कई बार परिजन अस्पताल में डॉक्टर का चक्कर भी लगाते रहे, लेकिन कोई नहीं आ सका। बाद में थक हार कर जब परिजन बैठे हुए थे। यही नहीं कुछ परिजनों ने मामूली नाराजगी भी जतायी, जिसके बाद डॉक्टर पहंुचे और एक-एक कर सभी शव का पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपा गया।
लापरवाही के कारण परेशान होते रहे
तेलीकोट से आए मृतक के परिजन गणेश्वर यादव ने बताया कि मृतक का नाम शंकर यादव 35 साल है, जो 3 तारीख को अज्ञात कारण से जहर सेवन किया था। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रात में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, लेकिन शाम 4 बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस तरह की लापरवाही से 4 परिवार के लोग परेशान होते रहे।
पंचनामा समय पर नहीं पहुंचने से देरी हुई
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन संतोष कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम में देरी होने की जानकारी मुझे मिली थी। पता करवाने पर यह बात सामने आया कि पंचनामा समय पर नहीं पहुंचने की वजह से देरी हुई हो। अब सभी शव का पोस्टमार्टम के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।


