छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं और 12वीं परीक्षा फॉर्म शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में मंगलवार को NSUI ने माशिमं कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं छात्रों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए घर का सोना, जमीन के कागज और गुल्लक लेकर कार्यालय पहुंचे और शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। NSUI का आरोप है कि परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी से गरीब, मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच फीस बढ़ाना छात्रों के हितों के खिलाफ है और इससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पढाई के लिए परिवारों को छोटी बचत तक खर्च करनी पड़ रही प्रदर्शन के दौरान NSUI प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा कि प्रदेश में हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपनी जमा-पूंजी और छोटी बचत तक खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा को अधिकार के बजाय व्यापार बनाया जा रहा है और परीक्षा शुल्क बढ़ाकर गरीब छात्रों के भविष्य पर असर डाला जा रहा है। NSUI ने मांग की है कि 10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म की बढ़ी हुई फीस तत्काल वापस ली जाए, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और गरीब, किसान व मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा सुलभ बनाई जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में ये रहे मौजूद प्रदर्शन में प्रदेश सचिव कुणाल दुबे, गावेश साहू, अंकित बंजारे, ओज पांडेय, शेख अर्सलान, तनिष्क मिश्रा, मनीष साहू, प्रियांशु मिंज, पुष्पेंद्र जायसवाल सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।


