भोपाल में जल सुनवाई…किट पूरी, जांच अधूरी:पानी के सैंपल लेकर वार्ड ऑफिस पहुंचे कांग्रेसी; एक वार्ड में पार्षद सुनवाई करते नजर आईं

भोपाल में जल सुनवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही हैं। यहां कर्मचारियों को 11 पैमाने पर जांच की किट तो दे दी गई है, लेकिन ट्रेनिंग न मिलने से वे सिर्फ क्लोरिन की जांच ही करते दिखें। यानी, किट पूरी और जांच अधूरी। एक वार्ड में अच्छी तस्वीर भी देखने को मिली। यहां पर बीजेपी पार्षद सुनवाई करते हुए नजर आईं। दूसरी ओर, कांग्रेसी सरकारी स्कूल के पानी की जांच कराने के लिए वार्ड ऑफिस पहुंचे, लेकिन उन्हें जिम्मेदार नहीं मिले। मंगलवार को पांचवीं जल सुनवाई हुई। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा जानें चली गई। इसके बाद सरकार ने 13 जनवरी से हर मंगलवार को जल सुनवाई करने के आदेश जारी किए। भोपाल में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक सभी 85 वार्डों में जल सुनवाई की जा रही है। इसमें 200 से ज्यादा कर्मचारी और एक्सपर्ट लगे हैं। हालांकि, ज्यादातर को सिर्फ नाम की ट्रेनिंग मिली है। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें 3 दिन की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें भी सिर्फ क्लोरिन की जांच की प्रक्रिया ही बताई गई, जबकि जो किट मिली है, उसमें सभी 11 पैमानों पर जांच की किट शामिल हैं। वहीं, कम से कम 10 दिन की ट्रेनिंग दी जानी थी। दैनिक भास्कर ने मंगलवार को फिर से जल सुनवाई की हकीकत देखी। सबसे पहले वार्ड-46 में टीम पहुंची। यहां पर सुपरवाइजर मनीष शर्मा और जल कार्य शाखा के कर्मचारी सूरज कुशवाह मिले। इस वार्ड में अब तक कुल 3 सैंपल आए हैं। जिनकी लैब में जांच कराई गई। पानी में कोई खराबी सामने नहीं आई। खुद जल सुनवाई करते नजर आईं पार्षद
वार्ड-31 की पार्षद बृजला सचान खुद जल सुनवाई करते हुए नजर आईं। उनके साथ कर्मचारी साथ थे, जो पानी की जांच करने के लिए बैठे थे। हालांकि, यहां पर पानी के सैंपल नहीं आए। पार्षद सचान ने बताया कि वे हर दिन दो घंटे ऑफिस में बैठती हैं। ताकि, आमजनों की समस्याएं सुन सके। जल सुनवाई के दौरान भी नजर रखती हैं। यदि वार्ड में पानी की जांच नहीं तो महापौर हेल्पलाइन पर शिकायत करें
यदि वार्ड में आपके पानी की जांच नहीं की जा रही है तो महापौर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। महापौर हेल्पलाइन का नंबर-155304 है। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा रही है। ऐसा करने से जिम्मेदारों को तय समय सीमा में जांच करना पड़ेगी और कोई गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। इधर, स्कूल का पानी लेकर जांच कराने पहुंचे कांग्रेसी
वार्ड नंबर-36 में मौजूद हबीबिया स्कूल में गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायत के बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला पानी का सैंपल लेकर वार्ड कार्यालय पहुंचे और जांच कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। मौके पर केवल एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मौजूद मिला। कांग्रेस नेताओं ने जब पानी का सैंपल देकर जांच की मांग की तो कर्मचारियों ने जांच से इनकार कर दिया। बताया गया कि मौके पर केवल पानी का सैंपल लेने की व्यवस्था है। जांच के लिए सैंपल को लैब में भेजकर रिपोर्ट मंगवानी पड़ेगी। कांग्रेस नेता शुक्ला ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मौके पर ही टीडीएस मीटर से पानी के अनुपयोगी तत्वों की जांच की। इस जांच में रीडिंग आने के बाद निगम प्रबंधन के मौके पर मौजूद लोगों ने इसे तात्कालिक रूप से हानिकारक बताया। शुक्ला ने आरोप लगाया कि इंदौर में गंदा पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। नगर निगम भोपाल आज भी वार्ड स्तर पर साफ पानी सप्लाई नहीं कर पा रहा है। जो लोग गंदा पानी का सैंपल लेकर मौके पर आ रहे हैं, उन्हें जलसुनवाई में सैंपल जमा कर जांच करवाने का भरोसा दिया जा रहा है। अभी तक नगर निगम ने भोपाल में 4 हजार से ज्यादा सैंपल कलेक्ट किए हैं, लेकिन तीन स्थानों को छोड़कर बाकी किसी भी स्थान की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हबीबिया स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक सैंकड़ों बच्चे प्रतिदिन पढ़ने आते हैं। प्रदूषित पानी पीकर उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है, लेकिन नगर निगम के इंजीनियर इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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