महिला के पेट से निकाली 6 किलो की गांठ:जवाहिर हॉस्पिटल में हुआ ऐतिहासिक सफल ऑपरेशन; 60 वर्षीय महिला की बचाई जान

जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल से मानवता और चिकित्सा जगत की एक सुखद खबर सामने आई है। यहाँ के डॉक्टरों की एक टीम ने 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला के पेट से 6 किलोग्राम वजनी गांठ निकालकर उसे मौत के मुंह से बाहर निकाला है। जैसलमेर के चिकित्सा इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी गांठ का सफल ऑपरेशन किया गया है। सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. सत्ता राम पंवार ने कहा- “मरीज की स्थिति बहुत गंभीर थी, लेकिन हमारी टीम ने पूरी सावधानी के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसलमेर के सरकारी अस्पताल में इस तरह की जटिल सर्जरी का होना स्थानीय निवासियों के लिए बड़े भरोसे की बात है।” मां की ममता और बच्चों का अटूट विश्वास भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित गांव की रहने वाली एक 60 वर्षीय महिला पिछले 3 महीने से पेट में सूजन और असहनीय दर्द से जूझ रही थी। उम्र के इस पड़ाव पर वह अपने बच्चों को परेशान नहीं करना चाहती थी, लेकिन जब दर्द और सूजन इतनी बढ़ गई कि चलना-फिरना भी दूभर हो गया, तब उसने भारी मन से अपने बच्चों को अपनी तकलीफ बताई। मां की हालत देख बच्चे बिना एक पल गंवाए उन्हें 150 किलोमीटर दूर जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल लेकर आए। डॉक्टर भी रह गए थे हैरान अस्पताल में जब सर्जन डॉ. सत्ता राम पंवार ने महिला की जांच की, तो वे भी दंग रह गए। महिला के पेट में गांठ इतनी फैल चुकी थी कि अंदरूनी अंगों के पास एक उंगली रखने जितनी जगह भी नहीं बची थी। डॉ. पंवार ने बताया कि गांठ ने पूरे पेट को घेर लिया था और स्थिति इतनी नाजुक थी कि गांठ फटने पर पूरे शरीर में जहर फैल सकता था, जिससे मरीज की जान जा सकती थी। लेकिन बच्चों का अपनी मां के प्रति सेवा भाव देख डॉक्टरों ने जैसलमेर में ही यह रिस्क लेने का फैसला किया। बेहद जटिल थी सर्जरी की प्रक्रिया पीएमओ डॉ. रवींद्र सांखला के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। करीब 7 दिन पहले जरूरी जांचों के बाद ऑपरेशन शुरू हुआ। सर्जरी की भाषा में इसे ‘एक्सप्लोरेट्री लैपरोटॉमी’ कहा जाता है। इसमें बाईं ओवरी की गांठ को निकालने के साथ-साथ गर्भाशय और अन्य संक्रमित हिस्सों को सुरक्षित हटाया गया। ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती गांठ को बिना फोड़े बाहर निकालना था। एनेस्थीसिया और आईसीयू स्पेशलिस्ट डॉ. नरेश शर्मा ने ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद मरीज की सघन निगरानी की, जिससे मरीज की हालत स्थिर बनी रही। पूरी टीम ने पेश की मिसाल इस सफल ऑपरेशन में डॉ. सत्ता राम पंवार और डॉ. नरेश शर्मा के साथ मुख्य ऑपरेशन असिस्टेंट दिनेश सोनी, हेमराज वर्मा, दीपाराम और सर्जिकल वार्ड के पूरे स्टाफ ने अपनी अहम भूमिका निभाई। 6 किलो की भारी-भरकम गांठ निकलने के बाद महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

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