किसी का बीपीएल कार्ड बना, किसी का जाति-रिकॉर्ड तुरंत सुधरा:टीकमगढ़ कलेक्टर ने गांव में ही लगाई अदालत: 5 साल से अटके कागजी विवाद सुलझे

टीकमगढ़ के मोहनगढ़ गांव में मंगलवार को राजस्व रिकॉर्ड सुधारने के लिए एक खास कैंप लगाया गया। इसमें कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार ने एक साथ कोर्ट (अदालत) लगाई और सालों से अटके 53 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया। सुबह 11 से शाम 6 बजे तक चले इस कैंप में लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत यह कैंप लगा था। इसमें अलग-अलग विभागों के कुल 123 आवेदन आए। सबसे ज्यादा 83 मामले राजस्व विभाग के थे। इसके अलावा पंचायत, पुलिस, बिजली और शिक्षा जैसे विभागों से जुड़ी शिकायतें भी मिलीं। 2020 से अटके मामलों का हुआ फैसला राजस्व के 83 आवेदनों में से 52 मामलों में कलेक्टर ने तुरंत आदेश जारी कर दिए। ये सभी केस साल 2020 से 2026 के बीच के थे और रिकॉर्ड सुधारने से जुड़े थे। राहत की बात यह रही कि सभी फैसले आवेदकों के हक में सुनाए गए। मौके पर ही बीपीएल कार्ड और जाति सुधार कैंप में कई लोगों को फौरन मदद मिली। जैसे: राकेश केवट: बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन दिया, कलेक्टर ने तुरंत कार्ड बनाने के निर्देश दिए। चंदन: जाति के रिकॉर्ड में गलती थी, जिसे मौके पर ही सुधार दिया गया। अभिलेख सुधार: ग्राम हथेरी के भगवानदास, गोविंददास और मझगुंवा की सुमन यादव के रिकॉर्ड से जुड़ी गड़बड़ियाँ भी तुरंत ठीक की गईं। अफसरों को दी सख्त हिदायत कलेक्टर ने बाकी बचे आवेदनों को लेकर संबंधित अधिकारियों को साफ कह दिया है कि इनमें ढिलाई न बरतें और जल्द से जल्द निपटारा करें। इस मौके पर एसडीएम संजय कुमार दुबे, तहसीलदार रमेश चंद परमार और अन्य विभागों के अफसर भी मौजूद रहे।

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