हाईकोर्ट में राज्य परिवहन प्राधिकरण के चेयरमैन के पद को लेकर दायर याचिका के बाद परिवहन विभाग ने राज्य परिवहन प्राधिकरण (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी) का पुनर्गठन कर दिया है। पहले इसके चेयरमैन की जिम्मेदारी परिवहन सचिव के पास थी। अब नए नोटिफिकेशन में अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी को इस प्राधिकरण का चेयरमैन घोषित किया गया है। इसको लेकर जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि मोटरयान अधिनियम 1988 के अंतर्गत 28 मार्च 2025 को लिए गए फैसले के आधार पर प्रदेश के सभी जिलों में इस पुनर्गठन फैसले को प्रभावी किया गया है। परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश में राज्य परिवहन प्राधिकरण का अध्यक्ष राज्य शासन द्वारा घोषित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्तर का अधिकारी इस प्राधिकरण का अध्यक्ष होगा। इसके साथ ही परिवहन आयुक्त को प्राधिकरण के सदस्य और शासन की ओर से परिवहन विभाग द्वारा तय किए गए उप सचिव या अवर सचिव स्तर के अधिकारी को प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। शहडोल के ट्रांसपोर्टर ने दी थी चेयरमैन की नियुक्ति को चुनौती शहडोल निवासी ट्रांसपोर्टर ने परिवहन सचिव मनीष सिंह की एसटीए चेयरमैन की नियुक्ति को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। याचिका क्रमांक 36062 पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि मनीष सिंह के पास मप्र यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्टक्चर के प्रबंध संचालक समेत अन्य पदों का दायित्व भी है। ऐसे में यह मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 68 (2) का उल्लंघन है और कॉफ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट (वित्तीय हितों का टकराव) की श्रेणी में आता है। इसके बाद उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एसटीए चेयरमैन की नियुक्ति के संबंध में जवाब मांगा था। मनीष सिंह 28 मार्च 2025 से एसटीए चेयरमैन हैं।


