बायपास के एमआर-10 जंक्शन पर एक माह देरी से गर्डर लॉन्च हो सकी। हालांकि प्रोजेक्ट तय समय सीमा से 6 माह देरी से चल रहा है। रविवार शाम और सोमवार सुबह यहां 30 मीटर स्पान के दो गर्डर डाले गए। पूरा प्रोजेक्ट जो जुलाई 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था, वह 6 महीने बाद भी 30-35% के कंप्लीशन पर ही है। एनएचएआई का ये प्रोजेक्ट मेहरोत्रा बिल्डकॉन द्वारा बनाया जा रहा है। सर्विस रोड की चौड़ाई में उलझी अंडरपास की लंबाई : यहां एमआर-10 रोड को नए इंदौर-हरदा हाईवे पर जोड़ने के लिए बन रहे अंडरपास का भी काम सर्विस रोड के चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट तय न होने की वजह से अटका हुआ है। दरअसल, बायपास पर वर्तमान में 2-2 लेन का दोनों तरफ सर्विस रोड बना हुआ है। बायपास के आसपास बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां नगर निगम ने पहले 4 लेन का बनाने की बात कही थी। उसी को विस्तार करते हुए अब 6 लेन का सर्विस रोड बनाने की योजना बनाई है। पहले इसे नगर निगम द्वारा बनाया जा रहा था, लेकिन फिर निगम ने एनएचएआई को ही ये प्रोजेक्ट देने का प्रस्ताव रखा है। इसके चलते एमआर-10 जंक्शन पर बनाए जाने वाले अंडरपास की लंबाई भी तय नहीं हो पा रही है। वहीं इसके एप्रोच रोड के लिए तो निर्माण एजेंसी ने खुदाई करना शुरू कर दिया है। इस अंडरपास का एप्रोच रोड द पार्क होटल के सामने बने ग्रीन बेल्ट एरिया में बनाया जा रहा है, जहां पर गहरी खुदाई शुरू कर दी गई है। एमआर-10 जंक्शन का ब्रिज बनाने वाली कंपनी ही बायपास पर अर्जुन बड़ौद और रालामंडल के फ्लायओवर बना रही बायपास के इस जंक्शन सहित रालामंडल और अर्जुन बड़ौद चौराहे पर भी एक ही कंपनी द्वारा फ्लायओवर बनाया जा रहा है। इस काम को पूरा करने की डेडलाइन जुलाई 2024 में थी, लेकिन 6 महीने से ज्यादा लेट चल रहे ये तीनों प्रोजेक्ट अब तक 30% भी पूरे नहीं हो पाए हैं। रालामंडल और अर्जुन बड़ौद फ्लायओवर पर भी अभी एक तरफ की लेन का काम ही आगे बढ़ पाया है। वहीं एमआर-10 के थ्री लेयर फ्लायओवर और अंडरपास पूरा होने में अभी बहुत लंबा समय लगेगा।


