शिवपुरी में दोस्ती का झांसा देकर मारपीट और ब्लैकमेलिंग करने वाली एक शातिर गैंग को देहात थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गैंग ने व्यापारी आदित्य जैन (26) को फोन पर लड़की ‘अंजलि’ बनकर फंसाया। इसके बाद मिलने बुलाया। जंगल में वीडियो बनाकर धमकाया और 1,05,640 रुपए फोन-पे ट्रांसफर करवा लिए। फरियादी आदित्य जैन ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आने लगे। कॉल करने वाली युवती ने खुद को अंजलि बताया और धीरे-धीरे दोस्ती कर ली। फोन पर बातचीत के दौरान युवती ने मिलने की इच्छा जताई और आदित्य को भरोसा दिलाया। लगातार बातचीत के कारण आदित्य को किसी तरह का शक नहीं हुआ। अकेले में मिलने बुलाया, गैंग मौजूद थी
31 जनवरी 2026 को दोपहर करीब तीन बजे आदित्य जैन अपनी कार से चालक विनोद राठौर के साथ बड़ोदी टंकी पहुंचे, जहां ‘अंजलि’ मौजूद थी। युवती ने अकेले में मिलने का बहाना बनाया और उसे बड़ागांव रोड की ओर ले गई। वहां पहले से ही गैंग के अन्य सदस्य मौजूद थे। जैसे ही आदित्य वहां पहुंचे, पांच युवकों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और उसे जबरन बांकड़े मंदिर के पास जंगल में ले गए। वीडियो बनाकर झूठे केस में फंसाने की दी धमकी
जंगल में आरोपियों ने आदित्य का वीडियो बनाया और धमकाया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा और झूठे मामले दर्ज करा दिए जाएंगे। डर और बदनामी के भय से आदित्य ने आरोपियों की मांग मान ली। इसके बाद गैंग ने फोन-पे के माध्यम से कुल 1,05,640 रुपए ट्रांसफर करवा लिए और मौके से फरार हो गए। साइबर सेल ने शुरू की मोबाइल नंबरों की जांच
फरियादी की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26 धारा 308(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई। आरोपी बोले-पूरी प्लानिंग के साथ की साजिश
जांच में पता चला कि नंबर आकाश ओझा के नाम पर था। पूछताछ में आकाश ने बताया कि यह नंबर उसका भाई राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजलि इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में राजा और कल्पना ने अपना अपराध स्वीकार किया। 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
9 फरवरी 2026 को पुलिस ने कल्पना रजक (23), राजा ओझा (21), विकास रावत (19), चंद्रपाल धाकड़ (40) और पवन रावत (25) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस ने कहा- संगठित गैंग, कर रहे पूछताछ
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गैंग था, जिसका सरगना चंद्रपाल धाकड़ था। आशंका है कि गैंग ने पहले भी इसी तरह कई लोगों को निशाना बनाया, लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित सामने नहीं आए। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।


