देवली शहर की तेजाजी कॉलोनी में अर्धनारीश्वर शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत शिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के तीसरे दिन कथा वाचिका पूजा बैरागी ने मां सती के दिव्य चरित्र और प्रसंगों का वर्णन किया। कथा वाचिका ने बताया कि कैसे मां सती और भगवान भोलेनाथ कैलाश पर्वत से अगस्त्य ऋषि के आश्रम में शिवकथा सुनने पहुंचे थे। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि स्वयं भगवान शिव को अपनी कथा सुनने की इच्छा हुई, जिससे कथा का महत्व और बढ़ गया। कथा के दौरान मां सती के रौद्र स्वरूप का सजीव वर्णन किया गया। इस अवसर पर कथा स्थल पर मां महाकाली की भव्य झांकी भी सजाई गई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस महोत्सव की आयोजक पायल बाई का शहर की महिलाओं ने मालाएं पहनाकर और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। देवली शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शिवपुराण कथा सुनने पहुंच रहे हैं। कथा के समापन के बाद पायल बाई किन्नर और सोनम बाई किन्नर ने व्यास पीठ की आरती की। इसके उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति संगीत और शिव नाम के जयकारों से क्षेत्र गूंजता रहा।


