वेबसीरीज देखते-देखते 22 साल के डिजाइनर की मौत:मेरठ में बेड से उठते ही लड़खड़ाया, डॉक्टर बोले- दिमाग की नसें फटीं

‘कैफ बहुत नेक बच्चा था। परिवार की जरूरतों का ख्याल रखता था, बस वो मोबाइल बहुत देखता था, अब मेरा बच्चा अल्लाह के पास चला गया।’ ये सब बताते हुए मोहम्मद कैफ की मां तस्लीम की आंखों में आंसू भर आए। वह खुद को संभालते हुए बोलीं- वो बहुत सीधा था, सबकी इज्जत करता था, किसी से नजर मिलाकर बात नहीं करता था। 6 फरवरी की रात वह अपने कमरे में मोबाइल पर वेब सीरीज देख रहा था। अचानक उसको दिक्कत महसूस हुई। वह बिस्तर से उठा, फिर जमीन पर गिर पड़ा। परिवार उसको मेरठ के 3 प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचा, फिर दिल्ली के सफदरगंज हॉस्पिटल में दिखाया, जहां उसकी मौत हो गई। आखिर 22 साल के कैफ की मौत किन हालात में हुई? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम खैरनगर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… पिता प्रॉपर्टी डीलर, 8 साल से किराए पर रहता है परिवार
गूलर वाली गली में एक किराये के मकान में कैफ अपने परिवार के साथ रहता था। 8 साल पहले उसका परिवार इस मकान में शिफ्ट हुआ था। कैफ के पिता फारुख प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी तस्लीम, 1 बेटी और बेटा कैफ ही था। बेटी की शादी हो चुकी है, कैफ कंप्यूटर डिजाइनिंग करता था। वह हर रोज सुबह 9 बजे ऑफिस चला जाता था, फिर रात में 8.30 बजे ही लौटकर आता था। खाना खाने के बाद सोने चला जाता था। परिवार के मुताबिक, इस दौरान वो मोबाइल पर आधी रात तक मूवी, वेब सीरीज और कभी-कभी गेम खेलता था। परिवार ने बताया- 2019 से पहले वो पबजी गेम खेलता था, मगर बैन होने के बाद वो नार्मल गेम ही मोबाइल पर खेलता था। रील्स बनाने का भी उसको शौक था। अब 6 फरवरी को क्या हुआ, ये जानिए
कैफ काम करके रात 8 बजे तक घर आ गया। खाना खाया, फिर उसका दोस्त शोएब आ गया। दोनों घूमने निकल गए। रात करीब 11.30 बजे शोएब ने कैफ को घर छोड़ दिया। कैफ अपने बेड पर सोने चला गया। मगर हेडफोन लगाकर मोबाइल देखता रहा। 1 घंटे बाद कैफ को कुछ उलझन हुई, वह बेड से उठा, लेकिन फिर लड़खड़ाकर गिर पड़ा। उसके गिरने की आवाज परिवार के लोगों ने सुनी, सब दौड़कर आ गए। फारूख कहते हैं कि मैंने कैफ को संभाला। वह अपने सिर में हाथ मार रहा था। मुझे लगा कि उसके सिर में तेज दर्द हो रहा था। मैं कैफ को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ता रहा। सबसे पहले होप हॉस्पिटल गए, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। यहां के बाद सुशीला जसवंत राय और फिर साकेत के निजी अस्पताल आ गए। बिलिंग पर तो स्टाफ चर्चा करता रहा लेकिन इलाज की किसी ने बात नहीं की। कुछ देर बाद एक कर्मचारी ने आकर कहा कि मरीज की हालत सीरियस है। आप इसे दिल्ली ले जाओ। दिल्ली में बमुश्किल किया गया भर्ती
फारूख का कहना है- मेरठ के अस्पताल ने रेफर लेटर नहीं दिया, जिस कारण दिल्ली एम्स और जीबी पंत हॉस्पिटल में कैफ को भर्ती नहीं किया। बमुश्किल सफदरजंग अस्पताल में कैफ को भर्ती किया गया, इसके बाद कैफ का इलाज शुरू हो पाया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही कैफ ने दम तोड़ दिया। पिता का आरोप है कि समय पर इलाज मिलता तो कैफ बच जाता। वह कैफ को लेकर मेरठ वापस आ गए और रात में ही उसको सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। भाई बोले- इलाज लेट मिला, वरना भाई बच जाता
मोहम्मद कैफ की तबीयत बिगड़ने के बाद उसका ममेरा भाई ओसामा भी हॉस्पिटल की दौड़भाग करता रहा। ओसामा ने कहा- अगर शुरू में ही कैफ को ट्रीटमेंट मिल जाता तो वह बच जाता। पहले एक, फिर दो और फिर तीसरे अस्पताल ने कैफ की मेडिकल कंडीशन देखे बिना ही दिल्ली रेफर कर दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि रेफर लेटर तक नहीं दिया, जिस कारण वहां भी दो अस्पताल से निराश होने के बाद सफदरजंग अस्पताल में कैफ को भर्ती कराया गया, मगर तब तक देर हो गई थी। अब कैफ का मेडिकल हिस्ट्री भी जानिए
कैफ की उम्र सिर्फ 22 साल की थी, मगर जब उसको हॉस्पिटल ले जाया गया, तब उसका ब्लड प्रेशर 300 के पार चला गया था। डॉक्टर के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर की वजह से उसकी दिमाग की नसें फट गईं। कैफ को 10 साल पहले यानी 2016 में हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हुई थी। तब से वो अपने ब्लड प्रेशर को लेकर सतर्क रहता था। दवाएं भी ले रहा था, फिर भी दिमाग पर बने दबाव को वो रोक नहीं सका। अब उस शॉप ओनर की बात, जहां कैफ काम करता था… शॉप ओनर बोले- कैफ यहां मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता था
कैफ पेशे से ग्राफिक डिजाइनर था, वह प्रिंटिंग के डिजाइन तैयार करता था। वह शेख मेराज की शॉप पर काम करता था। वह कहते हैं- कैफ बहुत ईमानदारी से काम करता था। रहा सवाल, मोबाइल के इस्तेमाल का, तो हमारे ऑफिस का नियम है यहां कोई मोबाइल इस्तेमाल नहीं कर सकता है, ताकि वर्क क्वालिटी बनी रहे, इसलिए कैफ यहां पर मोबाइल यूज नहीं करता था। 6 फरवरी को जब रात में 8.30 बजे वह शॉप से निकला था, तब बिल्कुल ठीक था।
… ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में 3 बहनें कूदीं या धक्का दिया गया?:पिता ने 2 बातें बताईं; अपार्टमेंट की महिला बोली- बच्चियों की माएं गाली दे रही थीं गाजियाबाद में 3 फरवरी की रात 3 बहनों ने सुसाइड किया। एक तरफ, 8 पन्नों के सुसाइड नोट से उनके कोरियाई कल्चर में पूरी तरह से ढल जाने का खुलासा हुआ। दूसरी तरफ, पिता चेतन सुसाइड की वजह बदलते रहे। पहले कहा- कोरियन गेम की टास्क के आखिरी पड़ाव में सुसाइड कर लिया। फिर कहा- बेटियां दिनभर कोरियन मूवी, रील्स देखती थीं। मोबाइल छीन लिया था, कहा था कि सुधरी नहीं तो तुम्हारी शादी करवा दूंगा। पढ़ें पूरी खबर

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