भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड के निमियां-टुसरा स्थित शतचंडी महायज्ञ के पांचवें दिन श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। नेमिषारण्य (सीतापुर, उत्तर प्रदेश) से पधारी कथावाचिका परम पूज्य मोहिनी किरण शुक्ला ने सैकड़ों श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण अनुश्रवण कराया। कथा व्यास ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, कालियादमन एवं गोवर्धन लीला का विस्तार से वर्णन किया। माखन चोरी की बाल लीला के माध्यम से उन्होंने वात्सल्य रस का भाव प्रकट किया, वहीं कालिया नाग के हजार फनों पर नृत्य कर यह संदेश दिया कि ईश्वर के सामने किसी भी प्रकार का अहंकार नहीं टिकता। गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार को चूर करने और प्रकृति पूजा का महत्व समझाने के लिए अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। यह लीला इस बात का प्रतीक है कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। कथावाचिका मोहिनी किरण शुक्ला ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाली अमृतधारा है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें ज्ञान, भक्ति और कर्म के समन्वय का मार्ग दिखाती हैं। जो व्यक्ति ईश्वर की शरण में जाता है, वह समाज को साथ लेकर चलता है। मनुष्य यदि अपने स्वभाव में स्थिर रहे, तो वह ईश्वरत्व की प्राप्ति कर सकता है। कथा स्थल पर सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जो पूरे मनोयोग से कथा का रसपान करते नजर आए। वहीं भजन प्रवाहिका अनुष्का तिवारी ने अपने सुमधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मौके पर कमेटी अध्यक्ष विनोद सिंह, उपाध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद, राजेंद्र साव, रिशु सिंह, अभिषेक सिंह, महेंद्र सिंह, पारस सिंह, राजपति व अन्य कमेटी के लोग मौजूद थे।


