भास्कर न्यूज | चतरा चतरा का जिला आयुष चिकित्सालय सह कार्यालय पदाधिकारी विहिन हो गया है। जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के नहीं रहने के कारण चिकित्सीय व कार्यालयी कार्य पूरी तरह से ठप है। पूरे अस्पताल में एक मात्र आयुष चिकित्सक रहने के कारण मरीजों को सही ठंग से चिकित्सालय का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। यहां बताते चले कि बीते तीन फरवरी को जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरपी वर्मा को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 10 हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। डॉ. वर्मा अपने ही विभाग के चिकित्सा पदाधिकारी टंडवा के आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रिया मंडल से वेतन देने के नाम पर 10 हजार रुपए की घूस ले रहे थे। एसीबी ने डॉ. वर्मा को गिरफ्तार कर हजारीबाग जेल भेज दिया है। डॉ. आरपी वर्मा को जेल भेजे जाने के बाद से चतरा आयुष चिकित्सालय में किसी दूसरे पदाधिकारी की पदस्थापना नहीं हुई है। इसके कारण आयुष चिकित्सालय व कार्यालय का काम ठप पड़ा हुआ है। पूरे जिले में हैं 21 चिकित्सक जिला आयुष विभाग में पूरे जिले में 21 चिकित्सक, एक दर्जन स्वास्थ्य कर्मचारी, 38 योगा इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं। पहले आवंटन के अभाव में चिकित्सकों और कर्मियों का वेतन बकाया चल रहा था। आंवटन प्राप्त होने के बाद जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी जेल चले गए हैं। इसके कारण चिकित्सकों और कर्मियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। कर्मियों और चिकित्सकों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है।


