ध्वजाधारी धाम में 15 व 16 को दो दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव, सुरक्षा से लेकर भीड़ नियंत्रण तक प्रशासन अलर्ट

भास्कर न्यूज |कोडरमा जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ध्वजाधारी धाम में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि महापर्व श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि का दो दिवसीय महोत्सव 15 और 16 फरवरी को आयोजित होगा। इसे लेकर ध्वजाधारी धाम परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं।मंगलवार को ध्वजाधारी धाम में महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह, नगर पंचायत के सिटी मैनेजर सहित महोत्सव आयोजन समिति के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक के दौरान मेला परिसर की व्यवस्थाओं, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज ने पहाड़ी पर स्थित शिवलिंग तक जाने वाली 777 सीढ़ियों, पूरे मेला परिसर में भीड़ नियंत्रण, पर्याप्त रोशनी और पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन से विशेष इंतजाम करने की मांग रखी। उन्होंने सीढ़ियों पर रेलिंग की कमी की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया, ताकि अत्यधिक भीड़ के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नगर निकाय चुनाव को देखते हुए ध्वजाधारी धाम में महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे धाम परिसर में बैरिकेडिंग की जाएगी और पहाड़ी पर जलाभिषेक के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ एनसीसी कैडेट्स की भी तैनाती की जाएगी। एसडीपीओ ने बताया कि मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। सादे वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती के अलावा नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम भी मौके पर मौजूद रहेगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के पास मोबाइल नंबर अवश्य लिखकर रखें, ताकि बिछड़ने की स्थिति में उन्हें तुरंत परिजनों से मिलाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। मेला परिसर से कुछ दूरी पर बैरियर लगाए जाएंगे, वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और धाम के समीप एनएच पर भी बैरिकेडिंग रहेगी। हर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहेगा।उल्लेखनीय है कि ध्वजाधारी धाम, कर्दम ऋषि की तपोभूमि के रूप में विख्यात है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव स्वयं विराजमान हैं और सच्चे मन से मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां कोडरमा जिले के अलावा झारखंड के अन्य जिलों और बिहार के रजौली सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहले दिन श्रद्धालु 777 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ी पर स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।

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